संतोष यादव
सुकमा/बस्तर। नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को साकार करने की दिशा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सघन सर्चिंग अभियान के दबाव में माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में नकदी और हथियारों का डंप बरामद किया गया है। साथ ही 16 लाख रुपए के कुल ईनामी दो माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।

जानकारी के अनुसार, बरामद नक्सल डंप से 10 लाख रुपए नकद के अलावा इंसास LMG राइफल, AK-47 और .303 राइफल समेत अन्य हथियार और गोलियां बरामद की गई हैं। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ा है, जिससे वे अपने संसाधन जंगलों में छिपाकर पीछे हटने को मजबूर हो रहे हैं।
इसी बीच, केकेबीएन डिवीजन (ओडिशा) में सक्रिय दो माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था और वे कंपनी नंबर 08 के सदस्य के रूप में कार्यरत थे। आत्मसमर्पण के बाद दोनों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
सुरक्षा बलों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर ही यह बड़ी कार्रवाई संभव हो पाई है। लगातार चल रहे अभियान और पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते क्षेत्र में नक्सल गतिविधियां तेजी से कमजोर पड़ रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि नक्सल मुक्त बस्तर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा, कौशल प्रशिक्षण और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे समाज में नई शुरुआत कर सकें।
फिलहाल, इस कार्रवाई को बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।












