हेमंत बघेल
कसडोल। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कटगी में ढाबे में अवैध शराब बिक्री की शिकायत को लेकर ऐसा विवाद भड़का कि मामला सीधे मारपीट, धमकी और हथियारों तक जा पहुंचा। इस घटना ने पूरे गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी श्याम सुंदर देवांगन ने 9 अप्रैल 2026 को थाना कसडोल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 अप्रैल की रात करीब 11 बजे जब वह अपने घर लौट रहा था, तभी न्यू ढाबा के पास उसे रोक लिया गया। आरोप है कि ढाबा संचालक भागवत थवाईत (कांग्रेस नेता), उसके पिता संतोष थवाईत, राजेश थवाईत (भाजपा नेता) सहित अन्य लोगों ने “हमारे खिलाफ शिकायत करते हो” कहते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।

देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और आरोपियों ने लाठी, डंडा, लोहे की रॉड और तलवार से हमला कर दिया। इस हमले में प्रार्थी को गंभीर चोटें आईं। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 168/2026 के तहत विभिन्न धाराओं सहित आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव में आक्रोश, हालात बिगड़ने से पहले पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीण भी आरोपियों के खिलाफ आक्रामक हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के नेतृत्व में कसडोल, गिधौरी, लवन समेत आसपास के थानों का बल मौके पर पहुंचा और हालात को काबू में किया।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने शिकायत को लेकर मारपीट करने की बात स्वीकार की।
गिरफ्तार आरोपी:
संतोष थवाईत (55 वर्ष), निवासी कटगी
राजेश थवाईत (42 वर्ष), निवासी कटगी
संजू थवाईत (22 वर्ष), निवासी कटगी
शंकर दुबे (45 वर्ष), निवासी इंद्रपुरी, तिफरा, बिलासपुर

चारों को 10 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं मुख्य आरोपी भागवत थवाईत फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया है।

सरपंच पर भी उठे सवाल, वायरल पत्र से मचा हड़कंप
इस पूरे मामले के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें ग्राम पंचायत कटगी के सरपंच जय सिंह पैकरा पर ढाबा संचालक से प्रति वर्ष ₹50,000 लेने और अनापत्ति प्रमाण पत्र देने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि इस पत्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल पत्र सामने आने के बाद सरपंच भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। एक ओर जहां ढाबे में शराब बिक्री पर रोक की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर पैसे लेकर संचालन की अनुमति देने के आरोप गंभीर जांच की मांग कर रहे हैं। वही सरपंच जय सिंग पैकरा ने अपने ऊपर लगाए और पत्र वायरल को बेबुनियाद बताया है।
पुलिस का सख्त संदेश
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












