हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। जिला बलौदाबाजार के गार्डन चौक में बहुजन समाज पार्टी के तत्वावधान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बामसेफ, डीएस-4 और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक तथा दलित, शोषित, पिछड़े और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले महान बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब की 92वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दूर-दूर से हजारों की संख्या में लोग अपने निजी साधनों से पहुंचकर शामिल हुए और अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर सभा में जिला बलौदाबाजार का नामकरण संत गुरु घासीदास बाबा जी के नाम पर किए जाने तथा पूरे जिले में पूर्ण शराबबंदी लागू किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह मांग केवल किसी एक समाज की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सामाजिक अस्मिता और सम्मान से जुड़ा हुआ विषय है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हेमंत पोयाम जी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र ही जिला बलौदाबाजार का नामकरण संत गुरु घासीदास बाबा जी के नाम पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मांग को लगातार नजरअंदाज करती है तो आने वाले समय में इसका राजनीतिक परिणाम भी भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन समाज पार्टी संघर्ष करने वाली पार्टी है और जरूरत पड़ने पर इस मांग को लेकर लंबे समय तक लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने अपने संबोधन में 10 जून की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनने पर इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाएगा तथा निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर न्याय दिलाने का काम किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार गरीब और कमजोर वर्गों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है, जिससे सरकार की मंशा स्पष्ट दिखाई देती है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि बहुजन आंदोलन केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और समान अधिकारों की लड़ाई है। मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों को आगे बढ़ाते हुए बहुजन समाज को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मा. दूजराम बौद्ध (पूर्व विधायक पामगढ़), एडवोकेट के.डी. टंडन, करमन खटकर, बसंत सिन्हा, रमाकांत केवट, डॉ. सितारा खान सहित बहुजन समाज पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में जिला बलौदाबाजार का नामकरण संत गुरु घासीदास बाबा जी के नाम पर करने तथा जिले में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग को लेकर आगे भी जनजागरण अभियान और लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।











