हेमंत बघेल
कसडोल। जनपद पंचायत में अमृत सरोवर निर्माण कार्य को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जनपद पंचायत में पदस्थ सीईओ कमलेश साहू को उनके पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर कसडोल के एसडीएम रामरतन दुबे को जनपद सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।


गौरतलब है कि कसडोल जनपद की 23 ग्राम पंचायतों में डीएमएफ मद से अमृत सरोवर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों को लेकर कमीशनखोरी और ठेकेदारों के माध्यम से निर्माण कराने का मामला सामने आया था। नियमों के अनुसार निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत होती है, इसके बावजूद कार्य ठेकेदारों से कराए जाने की बात उजागर हुई थी। इस पूरे मामले को लगातार Reporter36 द्वारा प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की।

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या केवल सीईओ को हटाने से पंचायतों में चल रहे कार्यों में पारदर्शिता आएगी? क्या अब ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव स्वतंत्र रूप से निर्माण कार्य कर पाएंगे?
सूत्रों के अनुसार कुछ पंचायतों द्वारा ठेकेदारों को पहली किस्त के रूप में लगभग 8 लाख रुपये तक का भुगतान चेक के माध्यम से किया जा चुका है। ऐसे में यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या उक्त राशि पंचायतों को वापस मिलेगी? वहीं जिन पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां गुणवत्ता की जांच होगी या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है।
सरपंचों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में पंचायत के कार्य ठेकेदारों के माध्यम से न कराए जाएं और ग्राम पंचायतों को उनका अधिकार मिले।
फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई को बड़ी कार्यवाही माना जा रहा है, लेकिन अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे जांच और जवाबदेही की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।











