हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी ‘लखपति दीदी योजना’ आज ग्रामीण भारत की महिलाओं के लिए न केवल आर्थिक संबल बनी है, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान भी दे रही है। इसका एक जीवंत उदाहरण ग्राम गिन्दोला की जीना देवी डहरिया हैं, जिन्होंने बिहान समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी और आज एक आत्मनिर्भर महिला के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी हैं।

पति प्रेमप्रकाश डहरिया के साथ साधारण जीवन जीने वाली जीना देवी के पास कभी सीमित संसाधन थे, लेकिन उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने का मजबूत संकल्प था। बिहान समूह के माध्यम से मिली सहायता और सही मार्गदर्शन ने उन्हें वह मंच दिया, जहां से उन्होंने अगरबत्ती और दोना-पत्तल बनाने का छोटा सा कार्य शुरू किया। जिस काम को समाज कभी मामूली समझता था, उसी को जीना देवी ने अपनी मेहनत और लगन से एक सफल व्यवसाय में बदल दिया।
आज जीना देवी न केवल अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार हैं, बल्कि हर महीने 20 से 25 हजार रुपये की सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। बीते पांच वर्षों में उन्होंने अपनी मेहनत से करीब 3.50 लाख रुपये की आय अर्जित की है, जो ग्रामीण परिवेश की किसी भी महिला के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
उनकी इस सफलता ने उन्हें गांव में नई पहचान दिलाई है और वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। अपनी इस यात्रा को साझा करते हुए जीना देवी कहती हैं कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की योजनाओं के कारण संभव हुआ है, जिन्होंने गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया है।
वे अपनी इस खुशहाली के लिए शासन और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए गर्व से कहती हैं कि आज वे एक स्वावलंबी ‘लखपति दीदी’ हैं।











