हेमंत बघेल
कसडोल। ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कसडोल–सिरपुर मुख्य मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। कसडोल से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित महर्षि वाल्मीकि तपोभूमि एवं लव-कुश की जन्मस्थली माने जाने वाले मातागढ़ तुरतुरिया धाम तथा लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर को जोड़ने वाली यह सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में है।

सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। लगातार बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका हर समय बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं।
सबसे अधिक खराब स्थिति कसडोल से लगभग 4 किलोमीटर दूर ग्राम सेमरिया के पास देखने को मिल रही है, जहां सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु मातागढ़ तुरतुरिया धाम के दर्शन तथा सिरपुर के प्राचीन मंदिरों के भ्रमण के लिए गुजरते हैं, लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इधर, कसडोल–पिथौरा मुख्य मार्ग की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। इस सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं, जिससे आम लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इन सड़कों पर समय-समय पर रूटीन मेंटेनेंस, पैच रिपेयर (Pothole Repair), बिटुमिनस ओवरले, रोड रिसर्फेसिंग और रिन्यूअल जैसे कार्य किए जाते हैं। इन कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने और ठेके जारी होने के बावजूद कुछ ही महीनों में सड़क फिर से उखड़ जाती है। इससे मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि खराब सड़कों का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे साइकिल से कसडोल पढ़ने आते हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में भरे पानी से उनकी यूनिफॉर्म खराब हो जाती है और कई बार बच्चे गिरकर घायल भी हो जाते हैं।
व्यापारियों का भी कहना है कि खराब सड़क के कारण कसडोल नगर का व्यापार प्रभावित हो रहा है। महासमुंद, रायपुर, सिरपुर, सरायपाली, जांजगीर चांपा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों वाहन प्रतिदिन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए कसडोल–सिरपुर एवं कसडोल–पिथौरा मार्ग की उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आम लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
इस मामले पर कसडोल के एसडीओ प्रमोद गुप्ता ने कहा कि जो पेचवर्क हुआ है ओ तो उखड़ेगा, बरसात के बाद दूसरा बनायेंगे। अब आप सोच सकते है जिन अधिकारियों को सड़क ठीक करने व नई बनाने की जिम्मेदारी मिली है वह जान बूझकर सड़का को गुणवत्ताहीन मटेरियल का उपयोग करके बनाते है ताकि सड़क जल्दी उखड़े और उसके नाम पर लाखों डकार जाए।




