संतोष यादव
जगदलपुर। हैदराबाद से विजयवाड़ा के बीच संचालित निजी बस सेवाओं को लेकर यात्रियों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। आरोप है कि बसों में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है, जिससे यात्रा न केवल असुविधाजनक बल्कि खतरनाक भी बन गई है।

क्या है मामला?
यात्रियों के अनुसार, बस संचालक अधिक मुनाफे के लालच में नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। एक ही सीट पर 8 से 10 यात्रियों को बैठाया जा रहा है। कई यात्रियों को सीट न मिलने के बावजूद सीट के नीचे या बस के रास्ते (गैलरी) में बैठकर सफर करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इन परिस्थितियों में भी यात्रियों से पूरा किराया वसूला जा रहा है।
यात्रियों की परेशानी
यात्रियों का कहना है कि रात्रि बसों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जहां लंबी दूरी के बावजूद उन्हें ठीक से बैठने या आराम करने की जगह नहीं मिलती। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों है यह गंभीर?
सुरक्षा पर खतरा: ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना की स्थिति में जान-माल का बड़ा जोखिम बढ़ जाता है।
नियमों का उल्लंघन: परिवहन नियमों के तहत प्रत्येक यात्री के लिए सीट अनिवार्य है, लेकिन यहां इसका खुला उल्लंघन हो रहा है।
यात्रियों का शोषण: पूरी सीट सुविधा न देने के बावजूद पूरा किराया वसूलना यात्रियों के साथ अन्याय है।
वजह क्या बताई जा रही है?
बस ऑपरेटरों द्वारा ओवरबुकिंग और ओवरलोडिंग
भीड़भाड़ के समय मनमानी किराया वसूली
संबंधित विभागों की निगरानी में कमी
कार्रवाई की मांग
यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए और बस सेवाओं में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।












