हेमंत बघेल
महासमुंद। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे अफीम की अवैध खेती के मामलों को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्षद विजय साव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब ‘धान का कटोरा’ नहीं बल्कि ‘नशे का गढ़’ बनता जा रहा है।

विजय साव ने कहा कि दुर्ग, बलरामपुर और अब रायगढ़ जिले के तमनार (आमाघाट) में खेतों में अफीम की खेती पकड़े जाने से यह साफ हो गया है कि यह अवैध कारोबार पूरे प्रदेश में संगठित तरीके से फैल चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों को कहीं न कहीं राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
उन्होंने युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो प्रदेश के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे मामलों से स्पष्ट है कि खुफिया और प्रशासनिक व्यवस्था इन गतिविधियों को रोकने में विफल रही है।
पिछले 15 दिनों में प्रदेश में अफीम की खेती के कई बड़े मामले सामने आए हैं। 7 मार्च को दुर्ग जिले में एक फार्महाउस में अवैध खेती का खुलासा हुआ, वहीं 10 से 12 मार्च के बीच बलरामपुर जिले के कुसमी और कोरंधा क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में अफीम जब्त की गई। इसके बाद 20 मार्च को रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के आमाघाट में करीब डेढ़ एकड़ में फैली अफीम की फसल का भंडाफोड़ किया गया।
विजय साव ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इस सिंडिकेट से जुड़े बड़े नामों का खुलासा होना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।












