हेमंत बघेल
जांजगीर-चांपा | जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खपरी में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। चोरी की नीयत से घर में घुसे आरोपियों ने पहचान उजागर होने के डर से बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में गजेन्द्र पाल दिनकर (24), सुरेन्द्र यादव (25), श्यामरतन दिनकर (53) और विजेन्द्र पाल दिनकर (26) शामिल हैं, जो सभी ग्राम खपरी के निवासी हैं।
ऐसे हुआ डबल मर्डर
1 अप्रैल 2026 की सुबह ग्राम खपरी से सूचना मिली कि 70 वर्षीय संतराम साहू और उनकी पत्नी 65 वर्षीय श्यामबाई साहू का शव घर में खून से लथपथ पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि बुजुर्ग दंपति घर में अकेले रहते थे। आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि घर में पैसे और जेवर हैं। घटना की रात आरोपी नकली बाल, मास्क और टोपी लगाकर छत के रास्ते घर में घुसे।
लेकिन इसी दौरान संतराम साहू की नींद खुल गई और उन्होंने शोर मचाया। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। शोर सुनकर उठी पत्नी श्यामबाई पर भी आरोपियों ने बेरहमी से वार कर मौत के घाट उतार दिया।
लूटकर भागे आरोपी
हत्या के बाद आरोपी घर से सोने का हार और चांदी के पायल लूटकर फरार हो गए। बाद में लूट का सामान अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया गया।
ऐसे खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर साइबर और मुलमुला पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
संदेह के आधार पर गजेन्द्र दिनकर को उसके ससुराल से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसके हाथ में चोट के निशान मिले, जिससे शक गहराया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा राज खोल दिया और अन्य आरोपियों के नाम बताए।
बरामद हुआ सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
2 नग चाकू
सोने का हार
चांदी के पायल
एक मोटरसाइकिल
जब्त किया है।
किसने क्या किया
गजेन्द्र दिनकर – घर में घुसकर महिला की हत्या कर सोने का हार लूटा
सुरेन्द्र यादव – मुख्य साजिशकर्ता, संतराम साहू की हत्या कर पायल लूटा
श्यामरतन दिनकर – बाहर रेकी कर लूट का सामान छिपाया
विजेन्द्र दिनकर – आरोपियों को फरार होने में मदद की
पुलिस की बड़ी सफलता
इस पूरे ऑपरेशन में साइबर थाना और मुलमुला पुलिस की टीम ने लगातार मेहनत कर 48 घंटे के भीतर केस सुलझा लिया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देशन में की गई, जिसमें साइबर टीम और थाना मुलमुला स्टाफ की अहम भूमिका












