गोवर्धन यदु
तिल्दा नेवरा। तिल्दा-नेवरा में आयोजित नेशनल लोक अदालत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। शनिवार को व्यवहार न्यायालय तिल्दा-नेवरा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया गया।

लोक अदालत में कुल 597 मामलों का निराकरण किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकरणों में लगभग 6 लाख 95 हजार 800 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इस दौरान सैकड़ों लोगों को राहत मिली और लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान संभव हो सका।
लोक अदालत में क्रिमिनल प्रकरण, चेक बाउंस मामले, ट्रैफिक चालान, बैंक संबंधी विवाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बीमा विवाद, पारिवारिक मामले, बिजली बिल, संपत्तिकर, जलकर सहित अन्य राजीनामा योग्य मामलों का निपटारा किया गया।

कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें पक्षकार वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे। लोक अदालत के माध्यम से दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का समाधान कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान की गई। वहीं विभिन्न विभागों को भी लंबित वसूली और विवादों के निपटारे का अवसर मिला।
आयोजकों ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुलभ, त्वरित और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।




