हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। जिले के कसडोल विकासखंड से 22 किलोमीटर दूर शासकीय प्राथमिक शाला जोगीडीपा से प्रधानपाठक कंशराम ठाकुर और सहायक प्रधानपाठक माहेश्वर जायसवाल स्कूल से बुधवार को नदारद मिले।
स्कूल के प्रधानपाठक कंश ठाकुर सुबह स्कूल आए और बच्चों को संकुल में बैठक होने की झूठा बहाना बनाकर अपने गांव नवागांव चले गए क्योंकि संकुल केंद्र नवागांव में ही है। वही सहायक प्राचार्य महेश्वर जायसवाल भी स्कूल पर नहीं थे । इधर प्रधानपाठक कंश ठाकुर द्वारा बच्चों को लंच के बाद छुट्टी कर देना बोलकर बच्चों को स्कूल में अकेले छोड़कर अपने घर चले गए जबकि बच्चे लंच करने के बाद स्कूल में पढ़ते नजर आए यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना घट जाता तो किसकी जिम्मेदारी होता ।

अब आप सोच सकते की वनांचल का फायदा उठाकर यहां के शिक्षक या तो स्कूल नहीं आते और आते है तो जल्दी छुट्टी देकर घर में आराम फरमा रहे होते हैं ऐसे में छोटे- छोटे बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है सरकार से मोटी तनख्वाह लेने के बावजूद ये शिक्षक अपने कर्तव्यों से भटक रहे हैं क्योंकि इनके बच्चे बड़े प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं तो गरीब बच्चों का भविष्य को लेकर ये क्यों चिंतित रहेंगे मगर ऐसे प्रधानपाठक जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते इनपर कार्रवाई क्यों नहीं होता। वही बच्चों ने बताया कि उनके प्रधानपाठक सुबह स्कूल आए थे और संकुल में बैठक होने बहाना बनाकर चले गए जब हम इसकी पुष्टि करने संकुल केंद्र पहुंचे तो।

संकुल केंद्र नवागांव में ताला लगा तो साथ ही हमने स्कूल समन्वयक पुनीत राम यादव से फोन पर बात किया तो उन्होंने किसी भी प्रकार की मीटिंग होने की पुष्टि नहीं की। वनांचल क्षेत्र में होने की वजह से अधिकारी कभी निरीक्षण पर नहीं जाते और इसी का फायदा इन लापरवाह प्रधानपाठक पर शिक्षक उठाते है।

कुछ जानकारों ने बताया कि सहायक प्रधानपाठक माहेश्वर जायसवाल ट्रेनिंग में गए हुए हैं लेकिन स्कूल के प्रधानपाठक कंशराम ठाकुर को ऐसा क्या काम पड़ गया की स्कूली बच्चों से झूठा बहाना बनाकर जाना पड़ा खैर यह तो जांच का विषय है।
जब इस संबंध में रिपोर्टर36 के द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी ए.के. ध्रुव से संपर्क करना चाहा तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया साथ ही स्कूल के प्रधानपाठक कंशराम ठाकुर से भी फोन पर संपर्क करना चाहा तो उन्होंने भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा











