हेमंत बघेल
कसडोल। युवा नेता चंदराम साहू जी ने आम बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी जी ने सिद्ध किया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। इस बजट में न सिर्फ हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उसे प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है, जो उसे हर कदम पर मदद करेगा।

यह बजट एक ऐसे भारत के निर्माण का विजन है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, स्वास्थ्य से लेकर टूरिज्म तक, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर AI तक, स्पोर्ट्स से लेकर तीर्थों तक, विकसित भारत बजट हर गाँव, हर कस्बे और हर शहर के युवाओं, महिलाओं तथा किसानों के सपनों को शक्ति देकर उन्हें पूरा करने वाला बजट है।
2047 तक विकसित भारत के निर्माण और अगले 25 वर्षों के रोडमैप को दर्शाने वाले इस बजट के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी का हार्दिक अभिनंदन करते हुए युवा नेता चंदराम साहू जी ने आगे बताया कि बजट 2026-27 भारत को एक नई पहचान देने वाले देश के रूप में प्रस्तुत करता है, जो अपनी ताकत पर अडिग भरोसा रखता है और एक उभरते आर्थिक शक्ति केंद्र के रूप में उभर रहा है। कोविड के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। बजट इस गति को और तेज करता है और भारत को वैश्विक मंच पर सबसे आकर्षक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करता है, चाहे वह पारंपरिक क्षेत्र हों या नए युग के उद्योग। चंदराम साहू जी ने बताया कि इस बजट में पशुधन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का एक दूरदर्शी निर्णय लिया गया है। पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, वेटरनरी सेंटरों और ट्रेनिंग सेंटरों के विस्तार से पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी देने, 500 सरोवरों के विकास से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने जैसे निर्णय मोदी सरकार के किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। चंदराम साहू जी ने आगे बताया कि महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज के स्वप्न को साकार करने की दिशा में इस बजट में ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना’ की शुरुआत का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बुनकरों, किसानों तथा हथकरघा उद्योग को नया संबल प्राप्त होगा।
तटीय क्षेत्रों में कोकोनट प्रमोशन स्कीम से 3 करोड़ किसानों को लाभ, काजू-कोको के उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ावा व चंदन संरक्षण का निर्णय यह दर्शाता है कि मोदी जी किसानों की समृद्धि और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह बजट भारत में कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई देगा। बजट में जो सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जो प्रमुख आर्थिक और जनसंख्या केंद्रों के बीच यात्रा समय कम करके शहरों को तेज़ी से जोड़ेंगे।
यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन “फ्यूचर रेडी भारत” को तेज़ी देगा, जहाँ विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके लिए ₹12.2 लाख करोड़ पूंजीगत खर्च के रूप में आवंटित किए गए हैं। नए रेल कॉरिडोर, राष्ट्रीय जलमार्ग और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुँच बनाना रोजगार को बढ़ावा देगा और भारत की महत्वाकांक्षाओं को नई ऊँचाई तक ले जाएगा। आगे चंद राम साहू जी ने बताया कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन को साकार करता है, जिसमें एमएसएमई को भारत की विकास कहानी का प्रमुख स्तंभ बनाया गया है। इसके लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड रखा गया है। यह फंड टियर-2 और टियर-3 शहरों के एमएसएमई को संरचित और पेशेवर सहयोग के जरिए अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा। साहू जी बताया कि इस बजट में मोदी सरकार द्वारा धोलावीरा सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित करने का निर्णय भारत की प्राचीन संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा। पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में बौद्ध सर्किट के निर्माण, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स तथा ओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स विकसित करने से इन क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी और इको-टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना से युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा पर्यटन क्षेत्र को भी नई मजबूती मिलेगी।
साहू जी ने कहा कि इस बजट में शिक्षा से स्वरोजगार तक मोदी जी के विजन का सशक्त प्रतिबिंब है। बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के आसपास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स के विकास से एजुकेशन-इंडस्ट्री इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चार टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के निर्माण व अपग्रेडेशन से अनुसंधान को नई गति मिलेगी। नेशनल डिजाइन इंस्टिट्यूट, 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC लैब्स की स्थापना तथा ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ हाई-पावर्ड कमेटी का गठन नई पीढ़ी को कौशल-संपन्न बनाकर हर क्षेत्र में अग्रणी भारत के निर्माण के संकल्प को दर्शाता है।











