हेमंत बघेल
नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के मुख्यालय में शुक्रवार देर शाम एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया, जब दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में परिसर को बिना पूर्व नोटिस के खाली करा लिया गया। यह कार्यालय पिछले कई दशकों से 09 रफी मार्ग स्थित भवन से संचालित हो रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 300 जवानों और अधिकारियों के साथ कुछ सरकारी प्रतिनिधि और वकील अचानक परिसर में पहुंचे और कर्मचारियों को तत्काल न्यूजरूम खाली करने के निर्देश देने लगे। अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की जा रही है, हालांकि मौके पर कोई लिखित आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया।

कर्मचारियों द्वारा समय देने और प्रबंधन के आने तक प्रतीक्षा करने का अनुरोध करने पर भी बल प्रयोग किया गया। आरोप है कि महिला कर्मचारियों सहित कई लोगों को जबरन सीटों से उठाकर बाहर निकाला गया और उनके साथ धक्का-मुक्की तथा अभद्र व्यवहार किया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुख्य गेट को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे बाहर गए पत्रकारों और प्रबंधन के अधिकारियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। कई कर्मचारी अपना निजी सामान भी अंदर ही छोड़ने को मजबूर हुए।
इस अचानक कार्रवाई के कारण यूएनआई की अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे देशभर के 500 से अधिक सब्सक्राइबरों को समाचारों का प्रसारण रुक गया। इस घटनाक्रम ने न केवल एजेंसी के भविष्य पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इससे जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने भी अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।












