हेमंत बघेल
कसडोल। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 को ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताते हुए युवा नेता चंदराम साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी पूरी सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल एक कानून नहीं, बल्कि प्रदेश में सामाजिक संतुलन, धार्मिक स्वतंत्रता और जनसुरक्षा को मजबूत करने का ठोस प्रयास है।

चंदराम साहू ने कहा कि विगत कई वर्षों से प्रदेश में अवैध धर्मांतरण की घटनाओं को लेकर आमजन में चिंता एवं असंतोष का वातावरण बना हुआ था। ऐसे समय में राज्य सरकार द्वारा यह निर्णायक कदम उठाया जाना जनता की भावनाओं के अनुरूप है और यह कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से गरीब, शोषित एवं वंचित वर्गों की आस्था और अधिकारों को मजबूत संरक्षण मिलेगा। साथ ही, लालच, प्रलोभन, भय, दबाव एवं छल-कपट के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराने वाले तत्वों पर सख्त अंकुश लगेगा, जिससे समाज में पारदर्शिता और विश्वास का वातावरण बनेगा।
युवा नेता चंदराम साहू ने आगे कहा कि इस कानून में प्रलोभन, धोखे एवं दबाव से किए जाने वाले धर्मांतरण को स्पष्ट रूप से अपराध घोषित करते हुए इसे गैर-जमानती बनाया गया है और कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। यह उन असामाजिक तत्वों के लिए कड़ा संदेश है, जो भोले-भाले लोगों को भ्रमित कर उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, नाबालिगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांगजनों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों को सरकार की संवेदनशीलता और समावेशी सोच का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इससे इन वर्गों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
चंदराम साहू ने सामूहिक धर्मांतरण एवं विदेशी फंडिंग के माध्यम से संचालित संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता, सुरक्षा और जनकल्याण के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। यह निर्णय ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की भावना को और अधिक सुदृढ़ करता है तथा प्रदेश को विकास और स्थिरता के नए मार्ग पर अग्रसर करता है।
अंत में चंदराम साहू ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में शांति, सौहार्द, पारस्परिक सम्मान एवं सामाजिक समरसता को नई मजबूती प्रदान करेगा और छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, सुरक्षित एवं समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।












