हेमंत बघेल
एक ऐसा विभाग, जिसके कंधों पर पूरे जंगल और वन संपदा की जिम्मेदारी होती है… लेकिन जब उसी विभाग में जिम्मेदारी निभाने वालों पर सवाल उठने लगें, तो मामला गंभीर हो जाता है। आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं एक ऐसी ही कहानी, जो वन विभाग के सिस्टम पर सवाल खड़े करती है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सोनखान वन परिक्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नवागांव बैरियर पर एक व्यक्ति द्वारा खुद को डिप्टी रेंजर बताकर ड्यूटी करने और वाहन चालकों से बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं।
घटना 30 अप्रैल 2026 की रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है, जब बारात से लौट रहे कुछ लोग नवागांव बैरियर से गुजर रहे थे। आरोप है कि बैरियर पर मौजूद एक व्यक्ति ने गाड़ी को रोककर चेकिंग और एंट्री के नाम पर पूछताछ शुरू कर दी। उसकी वर्दी पर एक स्टार लगा हुआ था, जिससे लोग उसे अधिकारी समझ बैठे।

लेकिन जब लोगों ने उससे सवाल-जवाब किया, तो उसका व्यवहार संदिग्ध लगा। आरोप है कि उसने खुद को डिप्टी रेंजर बताते हुए गाली-गलौच की और कार्रवाई के नाम पर डराने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त व्यक्ति का नाम पुरुषोत्तम बरिया है, जो वन विभाग में चपरासी पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर वह चपरासी है, तो डिप्टी रेंजर की वर्दी पहनकर रात में बैरियर पर क्या कर रहा था?

यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर उनकी जानकारी में ही यह सब हो रहा था? क्योंकि यह बैरियर संवेदनशील माना जाता है, जहां से गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच होना जरूरी होता है।
मामले को लेकर वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई। इस पर वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश्वर नामदेव ने कहा कि शिकायत मिली है और पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है… और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या वन विभाग ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।




