सीएचसी कसडोल से 30 मार्च 2026 को किया गया था कार्यमुक्त, गिरौदपुरीधाम में देना था योगदान; वेतन भुगतान और कार्रवाई को लेकर भी उठ रहे सवाल
हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। जिले के शहीद संतराम साहू स्मृति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी नारायण सिंह वर्मा की नवीन पदस्थापना के बाद भी उनके द्वारा नई जगह पर कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।


प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर के आदेश दिनांक 19 फरवरी 2026 के तहत नारायण सिंह वर्मा को सहायक ग्रेड-3 से पदोन्नत कर सहायक ग्रेड-2/लेखापाल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिरौदपुरीधाम में पदस्थ किया गया था।

इसके बाद खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल द्वारा कार्यालय आदेश क्रमांक स्था./2026/599, दिनांक 30 मार्च 2026 जारी कर नारायण सिंह वर्मा को कसडोल से कार्यमुक्त कर दिया गया। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि वे नवीन पदस्थापना स्थल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिरौदपुरीधाम में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। आदेश को तत्काल प्रभावशील भी बताया गया था।

22 सितंबर के संचालनालय आदेश से फिर उठे सवाल
इसी बीच संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़, नया रायपुर द्वारा 22 सितंबर 2026 को जारी पत्र में फरवरी-मार्च 2026 के विधानसभा सत्र में दिए गए आश्वासन क्रमांक 371 के पालन के संबंध में स्वास्थ्य संस्थाओं में मूल पदस्थापना से अन्य संस्थाओं में संलग्न अधिकारियों-कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त करने और संबंधित प्रमाण पत्र तीन दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब नारायण सिंह वर्मा को 30 मार्च 2026 को कसडोल से विधिवत कार्यमुक्त कर नवीन पदस्थापना गिरौदपुरीधाम में उपस्थिति देने का आदेश दिया गया था, तो वे अब तक नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यरत क्यों नहीं हैं?
भवन निर्माणाधीन होने का दिया जा रहा हवाला
बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी की ओर से गिरौदपुरीधाम में भवन उपलब्ध नहीं होने की वजह से वहां कार्यभार ग्रहण नहीं करने की बात कही गई है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आ रही है कि गिरौदपुरीधाम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है, जहां चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन निर्माणाधीन होने के कारण वहां पदस्थ चिकित्सक और कर्मचारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गिरौदपुरी धाम में ही ड्यूटी कर रहे हैं।
ऐसे में भवन निर्माणाधीन होने का हवाला देकर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
कार्यमुक्ति के बाद वेतन भुगतान किस आधार पर?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि 30 मार्च 2026 को कसडोल सीएचसी से कार्यमुक्त किए जाने के बाद नारायण सिंह वर्मा का वेतन किस कार्यालय से और किस आधार पर आहरित एवं भुगतान किया जा रहा है?
यदि उनका वेतन अभी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल से जारी किया जा रहा है, तो कार्यमुक्ति आदेश के बावजूद ऐसा क्यों किया जा रहा है? वहीं यदि वेतन किसी अन्य कार्यालय से मिल रहा है तो उसकी प्रक्रिया और आधार क्या है? इन बिंदुओं की विभागीय जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल
एक अन्य सवाल यह भी है कि यदि संबंधित कर्मचारी ने 30 मार्च 2026 के आदेश के बाद नवीन पदस्थापना स्थल पर योगदान नहीं दिया है, तो इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी वंदना भेले द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई? क्या अनुपस्थिति अथवा आदेश की अवहेलना के संबंध में कोई नोटिस जारी किया गया है? यदि कार्रवाई नहीं की गई तो इसके पीछे क्या कारण है?
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर भी शिकायतें
स्थानीय लोगों की ओर से यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि नारायण सिंह वर्मा द्वारा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए जाते हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस संबंध में कुछ वीडियो भी मौजूद हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अब विभागीय जांच पर टिकी नजर
एक तरफ शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के संलग्नीकरण एवं पदस्थापना संबंधी आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कसडोल में कार्यमुक्त किए गए कर्मचारी के नवीन पदस्थापना स्थल पर योगदान नहीं देने की स्थिति सामने आ रही है।
अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद खंड चिकित्सा अधिकारी वंदना भेले और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि 30 मार्च 2026 को कार्यमुक्ति के बाद संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति और वेतन भुगतान किस आधार पर दर्ज किया गया है।
इस संबंध में सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी नारायण सिंह वर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गिरौदपुरीधाम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं है और वहां समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण वे नवीन पदस्थापना स्थल पर नहीं जा रहे हैं।
नारायण सिंह वर्मा ने यह भी बताया कि उनके पास मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलौदाबाजार का इस संबंध में आदेश है। हालांकि, बातचीत के दौरान उनके द्वारा उक्त आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया। ऐसे में उनके दावे और संबंधित आदेश की वास्तविक स्थिति विभागीय स्तर पर स्पष्ट होना बाकी है।
खंड चिकित्सा अधिकारी से पक्ष जानने का प्रयास
मामले में खंड चिकित्सा अधिकारी वंदना भेले का पक्ष जानने के लिए ड्यूटी समय फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद सीएचसी कसडोल पहुंचकर भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे कार्यालय में उपस्थित नहीं मिलीं।










































