Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    JSW प्लांट में तांबा तार चोरी करने वाला सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार, 7.5 किलो तांबा बरामद

    जेएसडब्ल्यू प्लांट से कॉपर प्लेट चोरी का खुलासा, 3 फरार आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाला गिरफ्तार

    06 जिलों से जिलाबदर बदमाश जांजगीर में छिपकर रह रहा था, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 29
    Reporter 36
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • छत्तीसगढ़
      • लोकल न्यूज़
    • देश – विदेश
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • उद्योग
    • खेल
    • अन्य
    Reporter 36
    You are at:Home»अन्य»नहर निर्माण में करोड़ों का भ्रष्टाचार? तालाब गहरीकरण और मिट्टी सप्लाई का डबल फायदा
    अन्य

    नहर निर्माण में करोड़ों का भ्रष्टाचार? तालाब गहरीकरण और मिट्टी सप्लाई का डबल फायदा

    Hemant BaghelBy Hemant BaghelJune 10, 202604 Mins Read
    Share Facebook Twitter WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    हेमंत बघेल 

    बलौदाबाजार। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत लवनबंद-पनगांव क्षेत्र में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे नहर लाइन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित नियमों को दरकिनार कर बिना मिट्टी परीक्षण (Soil Test) के ही ग्राम पंचायत पनगांव स्थित बंधवा तालाब से मिट्टी निकालकर सीधे नहर लाइन निर्माण में उपयोग किया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार किसी भी सिंचाई परियोजना अथवा नहर निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली मिट्टी का तकनीकी परीक्षण अनिवार्य होता है। जल संसाधन विभाग की डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार होने से पूर्व मिट्टी की गुणवत्ता की जांच रायपुर स्थित अनुसंधान एवं मिट्टी परीक्षण केंद्र में कराई जाती है। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही यह निर्धारित किया जाता है कि संबंधित मिट्टी निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त है या नहीं।

    नियमों को ताक पर रखकर तालाब की मिट्टी का उपयोग

    जानकारी के अनुसार ठेकेदार द्वारा ग्राम पंचायत पनगांव के बंधवा तालाब से जेसीबी और ट्रकों के माध्यम से लगातार मिट्टी निकालकर नहर निर्माण में उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मिट्टी का कोई परीक्षण नहीं कराया गया है और न ही मिट्टी उत्खनन के लिए आवश्यक रॉयल्टी जमा की गई है।

    मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि जिस बंधवा तालाब से मिट्टी निकाली जा रही है, उसी तालाब के गहरीकरण कार्य के लिए जिला पंचायत द्वारा 15वें वित्त आयोग मद से लगभग 10.40 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

    एक तीर से दो निशाने!

    ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब गहरीकरण की राशि अलग से स्वीकृत होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा उसी मिट्टी का उपयोग नहर निर्माण में किया जा रहा है। ऐसे में तालाब गहरीकरण का कार्य भी हो रहा है और निर्माण कार्य के लिए मिट्टी खरीदने या परिवहन पर होने वाला खर्च भी बचाया जा रहा है।

     

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में पंचायत और ठेकेदार दोनों को लाभ पहुंच रहा है। एक ओर तालाब गहरीकरण की राशि खर्च दिखाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य में मुफ्त की मिट्टी उपयोग कर ठेकेदार लाखों रुपये की बचत कर रहा है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि यहां “सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं टूटी” वाली कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती दिखाई दे रही है।

    शिकायत मिलते ही ठेकेदार को फोन, सवालों से बचते रहे अधिकारी

    ग्रामीणों के अनुसार जब पूरे मामले की जानकारी जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को दी गई तो उन्होंने तत्काल संबंधित ठेकेदार को फोन कर तालाब से मिट्टी ले जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारी मामले से जुड़े सवालों का जवाब देने से बचते नजर आए।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि मिट्टी का परीक्षण नियमानुसार कराया गया होता और पूरा कार्य वैधानिक प्रक्रिया के तहत हो रहा होता तो फिर अचानक मिट्टी ले जाने पर रोक लगाने की आवश्यकता ही क्यों पड़ती? इससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।

     

    निर्माण स्थल पर नहीं मिले विभागीय अधिकारी

    मौके के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य स्थल पर जल संसाधन विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। जबकि करोड़ों रुपये की लागत वाली परियोजना में नियमित तकनीकी निगरानी विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की अनुपस्थिति और निगरानी के अभाव में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। यदि बिना परीक्षण वाली मिट्टी का उपयोग किया गया तो भविष्य में नहर की मजबूती और परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं।

     

    अनुविभागीय अधिकारी ने नहीं दिया जवाब

    मामले में पक्ष जानने के लिए जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी एल.एन. निराला से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कार्यालय में भी वे उपलब्ध नहीं मिले। इसके कारण विभाग का पक्ष सामने नहीं आ सका।

    जांच की मांग

    ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करने, तालाब से निकाली गई मिट्टी की मात्रा का सत्यापन कराने तथा निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो शासन की करोड़ों रुपये की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है।

    Hemant Baghel
    Corruption worth crores in canal construction? Double gains from pond deepening and soil supply.
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकथित जहरीली शराब पीने से 8 की मौत! जांच की मांग को लेकर थाने पहुंचे ग्रामीण
    Next Article भुनेश्वर यादव हत्याकांड: दोषियों को फांसी और पीड़ित परिवार को 1 करोड़ सहायता देने की मांग
    Hemant Baghel

    Related Posts

    JSW प्लांट में तांबा तार चोरी करने वाला सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार, 7.5 किलो तांबा बरामद

    July 28, 2026

    जेएसडब्ल्यू प्लांट से कॉपर प्लेट चोरी का खुलासा, 3 फरार आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाला गिरफ्तार

    July 28, 2026

    06 जिलों से जिलाबदर बदमाश जांजगीर में छिपकर रह रहा था, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

    July 28, 2026
    Top Posts

    JSW प्लांट में तांबा तार चोरी करने वाला सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार, 7.5 किलो तांबा बरामद

    July 28, 2026

    Malmas 2026 : Malmas 2026 का अनोखा संयोग, नए साल में 13 महीने? 2 महीने तक रहेगा मलमास

    January 1, 2026

    AI-Powered Smartphones 2025 : डिजिटल पिच पर दिमागी खेल, स्मार्टफोन बने नए सोच के साथी

    January 1, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram

    Hemant Baghel
    Editor

    Mobile: 62639 86606
    Email: reporter36.com@gmail.com
    Address: Charauda, Baloda Bazar, Chhattisgarh

    Most Popular

    JSW प्लांट में तांबा तार चोरी करने वाला सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार, 7.5 किलो तांबा बरामद

    July 28, 2026

    Malmas 2026 : Malmas 2026 का अनोखा संयोग, नए साल में 13 महीने? 2 महीने तक रहेगा मलमास

    January 1, 2026

    AI-Powered Smartphones 2025 : डिजिटल पिच पर दिमागी खेल, स्मार्टफोन बने नए सोच के साथी

    January 1, 2026
    Our Picks

    JSW प्लांट में तांबा तार चोरी करने वाला सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार, 7.5 किलो तांबा बरामद

    जेएसडब्ल्यू प्लांट से कॉपर प्लेट चोरी का खुलासा, 3 फरार आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाला गिरफ्तार

    06 जिलों से जिलाबदर बदमाश जांजगीर में छिपकर रह रहा था, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

    © 2026 Reporter36. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.