हेमंत बघेल
कसडोल। जनपद पंचायत कसडोल अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरिया के आश्रित ग्राम मालीडीह में डीएमएफ मद से स्वीकृत 5 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सीसी रोड में कथित भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण को लेकर प्रकाशित समाचार का असर देखने को मिला है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत कसडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) कमलेश साहू ने सरपंच एवं सचिव को नोटिस जारी कर दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जारी नोटिस क्रमांक 1356/शि.शा./ज.पं./2026 दिनांक 29 मई 2026 में उल्लेख किया गया है कि मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायत के आधार पर मालीडीह में राहत आपदा अधोसंरचना एवं पर्यावरण उपकर निधि मद से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य की जांच कराई गई। जांच अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग कसडोल द्वारा की गई।

जांच में निर्माण कार्य के दौरान कई गंभीर तकनीकी खामियां पाई गईं। रिपोर्ट के अनुसार सीमेंट और मसाले का अनुपात निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं था, कार्यस्थल पर वाइब्रेटर मशीन उपलब्ध नहीं थी तथा 10 एमएम गिट्टी का उपयोग तय सीमा से अधिक किया गया। इसके अलावा तकनीकी अधिकारियों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का भी पालन नहीं किया गया।
सीईओ द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि दो दिवस के भीतर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा निर्माण कार्य निरस्त करने तथा संबंधित राशि की वसूली के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
पहले भी उठे थे भ्रष्टाचार के आरोप
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत सेमरिया के सरपंच वीरेंद्र साहू द्वारा कराए जा रहे उक्त सीसी रोड निर्माण में सीमेंट की मात्रा कम और गिट्टी-बजरी अधिक उपयोग किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए थे। ग्रामीणों की शिकायतों और मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए जांच शुरू की गई।
सरपंच पिता की भूमिका पर भी सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के अधिकांश निर्माण कार्य सरपंच के पिता सम्मेलाल साहू की देखरेख में संचालित होते हैं, जबकि वे शासकीय शिक्षक हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में उनकी भूमिका की भी जांच की मांग की है।
इधर, कसडोल विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरविंद ध्रुव ने कहा है कि यदि शासकीय शिक्षक द्वारा पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप किए जाने की पुष्टि होती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई होगी या मामला दब जाएगा?
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अब सबकी नजर दो दिन बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दोषियों पर ठोस कार्रवाई होती है या फिर अन्य मामलों की तरह यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।




