हेमंत बघेल
जांजगीर-चांपा। शराब के नशे में धुत दूल्हे को विवाह मंडप से ही वापस लौटा कर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी ग्राम कोसमंदा की साहसी युवती को अब जांजगीर-चांपा पुलिस ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। महिला सशक्तिकरण और नशामुक्त समाज का संदेश देने वाली इस बेटी को पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में महिला काउंसलर नियुक्त किया गया है।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान युवती का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि युवती का साहसिक निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक है और यह संदेश देता है कि आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही नशे के खिलाफ उसका कदम युवाओं और महिलाओं के लिए एक मिसाल है।

गौरतलब है कि थाना चांपा क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा में विवाह के दौरान जब युवती ने सिंदूर रस्म से पहले दूल्हे को शराब के नशे में देखा तो उसने बिना किसी दबाव में आए शादी से इनकार कर दिया और पूरी बारात को वापस लौटा दिया। उसके इस फैसले की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हुई थी।
पुलिस ने युवती के साहस, सामाजिक सोच और जागरूकता को देखते हुए उसे परिवार परामर्श केंद्र, जांजगीर में महिला काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि वह पारिवारिक विवादों के समाधान और सामाजिक जागरूकता के कार्यों में अपनी भूमिका निभा सके।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, सीएसपी योगिताबाली खापर्डे, डीएसपी सतरूपा तारम, थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
जांजगीर-चांपा पुलिस की इस पहल को महिला सम्मान, आत्मगौरव और नशामुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ महिलाओं में आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।




