हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। जिले में संचालित सीमेंट कंपनियों में स्थानीय युवाओं और श्रमिकों की उपेक्षा किए जाने का मामला एक बार फिर सामने आया है। पूर्व छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष एवं बलौदाबाजार विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि जिले की सीमेंट कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को प्राथमिकता दे रही हैं। साथ ही, लंबे समय से कार्यरत स्थानीय श्रमिकों को कथित रूप से झूठे आरोप लगाकर नौकरी से हटाया जा रहा है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इस संबंध में बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर को पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी सीमेंट कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय श्रमिकों और युवाओं के साथ हो रहे कथित अन्याय से क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है।

उन्होंने मांग की है कि नौकरी से निकाले गए स्थानीय श्रमिकों को तत्काल पुनः सेवा में बहाल किया जाए तथा जिले के प्रभावित गांवों और आसपास के स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि मजदूर हित और स्वाभिमान की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
शैलेश नितिन त्रिवेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्थानीय श्रमिकों को शीघ्र न्याय नहीं मिला और उन्हें दोबारा काम पर नहीं रखा गया, तो स्थानीय जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता सीमेंट संयंत्रों के मुख्य द्वार के सामने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की पूरी जिम्मेदारी संबंधित सीमेंट कंपनी प्रबंधन की होगी।




