हेमंत बघेल
बारनवापारा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बारनवापारा में सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत गोंडवाना भवन में बूढ़ा देव की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों एवं समाज के प्रमुख पदाधिकारियों का स्वागत-सत्कार किया गया। पूजा-अर्चना और स्वागत कार्यक्रम के पश्चात सामाजिक उद्बोधन का आयोजन हुआ।
इस दौरान दर्जनों सामाजिक वक्ताओं ने आदिवासी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास, समाज की एकता और युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के संरक्षण के साथ समाज को संगठित एवं शिक्षित बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के लोगों द्वारा भव्य जुलूस भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ निकले जुलूस ने क्षेत्र में आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गायत्री बरीहा, दुर्गा ठाकुर, एच.आर. पैंकरा (रेंजर), टिकेश्वर ठाकुर, अरुण दीवान (प्रभारी बार मंडी), खिलेश्वरी यादव, चंद्रिका बरीहा, लोकनाथ रात्रे, मंगतूराम जगत, बिजेंद्र पांडेश्वर, भिखम ठाकुर, दिनेश ठाकुर, संपत ठाकुर, संतोष ठाकुर, संजीव ठाकुर, हेम कुमार दीवान, इंदल दीवान सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और सामाजिक चेतना को मजबूती देने का संदेश दिया।










































