लोकसभा चुनाव के बाद कसडोल क्षेत्र में सांसद की सक्रियता को लेकर जनता ने जताई नाराजगी, लोगों ने कहा—क्षेत्र के विकास के लिए सांसद का नियमित दौरा जरूरी
हेमंत बघेल
कसडोल। जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कमलेश जांगड़े को लेकर कसडोल क्षेत्र की जनता में नाराजगी के स्वर सुनाई देने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सांसद का कसडोल क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम दौरा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र की जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है।

लोगों का कहना है कि सांसद का क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में लगातार दौरा होना केवल जनसंपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय समस्याओं को सीधे समझने और विकास कार्यों को गति देने में भी मदद मिलती है। लेकिन कसडोल क्षेत्र में सांसद की सक्रियता नजर नहीं आने से लोगों में सवाल खड़े हो रहे हैं।
“चुनाव के बाद सांसद को क्षेत्र की याद क्यों नहीं?”
कसडोल क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान जनता से संपर्क और समर्थन लेने के बाद जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे में सांसद को समय-समय पर कसडोल क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करनी चाहिए तथा क्षेत्र की समस्याओं को संसद और केंद्र सरकार तक पहुंचाना चाहिए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सांसद का अधिकांश दौरा जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र के अन्य हिस्सों में दिखाई देता है, जबकि कसडोल क्षेत्र में सांसद की मौजूदगी कम नजर आती है। इसी वजह से क्षेत्र की जनता में यह भावना बन रही है कि उनके क्षेत्र को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है।
सांसद से विकास कार्यों को लेकर जनता की उम्मीदें
कसडोल क्षेत्र की जनता सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई, पेयजल सहित विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर सांसद से पहल की उम्मीद कर रही है। लोगों का कहना है कि सांसद यदि क्षेत्र का नियमित दौरा करें तो जमीनी समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
लोगों का यह भी कहना है कि सांसद को केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि पूरे कार्यकाल में जनता के बीच रहना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने सांसद कमलेश जांगड़े से कसडोल विधानसभा क्षेत्र के गांवों और प्रमुख इलाकों का नियमित दौरा करने तथा जनता की समस्याएं सुनने की मांग की है।
सारंगढ़ से जांजगीर-चांपा तक बदला लोकसभा क्षेत्र, लेकिन कसडोल की उम्मीदें बरकरार
स्थानीय लोग लोकसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का भी उल्लेख करते हैं। उनका कहना है कि पूर्व में यह क्षेत्र सारंगढ़ लोकसभा के अंतर्गत आता था और कांग्रेस के परस राम भारद्वाज सांसद रहे। बाद में लोकसभा क्षेत्र के पुनर्गठन के बाद जांजगीर-चांपा लोकसभा अस्तित्व में आया, जहां भाजपा प्रत्याशियों को लगातार जीत मिलती रही है।
इसके बावजूद कसडोल क्षेत्र के लोगों का कहना है कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व बदलने के साथ उनकी विकास संबंधी अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। जनता चाहती है कि सांसद क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लें और कसडोल में अपनी सक्रियता बढ़ाएं।
अब सांसद के अगले दौरे पर टिकी नजरें
कसडोल क्षेत्र में सांसद के दौरे को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब लोगों की नजर सांसद कमलेश जांगड़े के आगामी क्षेत्रीय दौरे पर है। जनता का कहना है कि सांसद यदि कसडोल क्षेत्र में नियमित जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करें और गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनें, तो क्षेत्रवासियों की नाराजगी दूर हो सकती है।
हालांकि, सांसद कमलेश जांगड़े की ओर से इन आरोपों और कसडोल क्षेत्र में दौरे को लेकर उनका पक्ष सामने नहीं आया है। सांसद का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।










































