हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। शिक्षक का काम केवल कक्षा में पाठ पढ़ाना ही नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने का विश्वास पैदा करना भी है। इसी सोच के साथ शासकीय प्राथमिक शाला गबौद में पदस्थ शिक्षक विक्रम राय बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनकी एक छोटी-सी पहल ने नन्हे बच्चों के चेहरों पर बड़ी खुशी ला दी।

शासकीय प्राथमिक शाला गबौद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षक विक्रम राय ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नई स्लेट और पेंसिल वितरित की। नई स्लेट हाथ में आते ही बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। किसी ने स्लेट को सीने से लगाया तो किसी ने उसे हाथ में लेकर खुशी-खुशी तस्वीर खिंचवाई। बच्चों की यह मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि उनके लिए यह उपहार कितना खास था।

पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार देने की कोशिश
विक्रम राय का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के जीवन की मजबूत नींव तैयार करती है। इसी उम्र में यदि बच्चों को पढ़ाई के साथ प्रोत्साहन, सहयोग और अच्छे विचार मिलें तो उनमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा होता है।
स्लेट-पेंसिल वितरण के दौरान उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित रूप से विद्यालय आने और अपने माता-पिता व शिक्षकों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को यह संदेश भी दिया कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा कभी सीमित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “शिक्षा ही भविष्य की नींव है। यदि प्राथमिक स्तर पर बच्चों को सहयोग और प्रोत्साहन मिले तो वे जीवन में बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं। यह छोटा-सा प्रयास बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ाने की दिशा में है।”
शिक्षक से आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की पहल
विक्रम राय शिक्षक होने के साथ सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए हैं और छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ के प्रांताध्यक्ष हैं। बच्चों के प्रति उनकी यह पहल केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास है।
कार्यक्रम में समाजसेवी एवं छाया सरपंच धनसाय घृतलहरे भी उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को स्लेट-पेंसिल वितरित करते हुए उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने और पूरी लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
धनसाय घृतलहरे ने कहा कि गांव के बच्चों की शिक्षा के लिए किए जाने वाले ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक माहौल बनाते हैं। जब समाज के लोग बच्चों की शिक्षा को लेकर आगे आते हैं तो दूसरे लोगों को भी सहयोग करने की प्रेरणा मिलती है।
छोटी पहल, बड़ा संदेश
आज के दौर में जहां शिक्षा को लेकर अक्सर संसाधनों और सुविधाओं की चर्चा होती है, वहीं गबौद की प्राथमिक शाला में हुई यह पहल एक सरल संदेश देती है—बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए केवल बड़ी योजनाएं ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी महत्वपूर्ण होते हैं।
एक स्लेट और एक पेंसिल भले ही देखने में छोटी चीजें हों, लेकिन किसी नन्हे बच्चे के हाथ में पहुंचकर यही चीजें उसके सीखने की पहली सीढ़ी बन सकती हैं।
विद्यालय परिवार ने शिक्षक विक्रम राय और समाजसेवी धनसाय घृतलहरे के इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधान पाठक, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
गबौद की यह तस्वीर सिर्फ स्लेट-पेंसिल बांटने की नहीं, बल्कि उस सोच की है जिसमें एक शिक्षक बच्चों की आंखों में भविष्य के सपने और हाथों में उन्हें पूरा करने का साधन देने की कोशिश कर रहा है।










































