हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। स्वामी आत्मानंद पंडित चक्रपाणी शुक्ल उत्कृष्ट विद्यालय में छात्र-छात्राओं से कथित अभद्र व्यवहार और स्कूल में शराब सेवन कर आने के आरोपों से जुड़े विवाद में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रभारी प्राचार्य वंदिनी श्रीवास्तव को उनके प्रभार से हटा दिया गया है, जबकि व्याख्याता नरेश तिवारी के निलंबन की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव DPI रायपुर को भेजा गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 18 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार वंदिनी श्रीवास्तव को प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर वरिष्ठ व्याख्याता निर्मला साहू को विद्यालय का अस्थायी प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार सौंपा गया है।
छात्रों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार 16 और 17 सितंबर को विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने व्याख्याता नरेश तिवारी के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वे शराब का सेवन कर विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किया।

शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्र-छात्राओं से प्रत्यक्ष रूप से चर्चा की। प्रशासन के अनुसार संबंधित व्याख्याता के विद्यालय में उपस्थित होने के दौरान शराब सेवन की स्थिति प्रतीत होने पर 17 सितंबर को तहसीलदार के माध्यम से उनका चिकित्सकीय मुलाहिजा कराया गया। प्रशासन का कहना है कि जांच में विद्यालय में शराब सेवन कर आने की पुष्टि हुई।

निलंबन की अनुशंसा
जिला प्रशासन ने मामले को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता से जुड़ा मानते हुए सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है। इसके आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने व्याख्याता नरेश तिवारी के निलंबन की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव DPI रायपुर को भेज दिया है। अंतिम कार्रवाई सक्षम स्तर से प्रस्ताव पर निर्णय के बाद होगी।
पत्रकारों से विवाद के बाद भी गरमाया था मामला
इसी घटनाक्रम की जानकारी और कवरेज के लिए विद्यालय पहुंचे पत्रकारों के साथ भी विवाद की स्थिति बनी थी। इसके बाद पत्रकारों ने स्कूल परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने अफसोस जताते हुए जांच कमेटी गठित करने की बात कही थी।
अब प्रभारी प्राचार्य को हटाने और संबंधित व्याख्याता के निलंबन का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद यह मामला शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में DPI स्तर से निलंबन प्रस्ताव पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।










































