हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। साइबर ठग अब मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सुविधा का दुरुपयोग कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील करते हुए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग खुद को डिलीवरी बॉय, बैंक कर्मचारी, बिजली विभाग का अधिकारी या टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते हैं। इसके बाद पार्सल, सिम वेरिफिकेशन या बैंक खाता बंद होने से बचाने जैसे बहाने बनाकर मोबाइल में एक विशेष कोड, जैसे *21*XXXXXXXXXX#, डायल करने के लिए कहते हैं।
पुलिस ने बताया कि अनजान व्यक्ति के कहने पर ऐसा कोड डायल करने से मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग सक्रिय हो सकती है। इसके बाद मोबाइल नंबर पर आने वाली कॉल दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड हो सकती हैं। पुलिस ने नागरिकों को ऐसे किसी भी अनजान कोड को डायल नहीं करने की सलाह दी है।
ऐसे जांचें कॉल फॉरवर्डिंग
पुलिस के अनुसार, मोबाइल में *#21# डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग की स्थिति की जांच की जा सकती है। यदि कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय दिखाई देती है तो ##002# डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स को रद्द किया जा सकता है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि अनजान कॉलर, WhatsApp मैसेज या SMS के माध्यम से भेजे गए किसी भी संदिग्ध कोड को बिना जानकारी के डायल न करें और मोबाइल से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर नजदीकी थाना या साइबर सेल से भी संपर्क करने की अपील की गई है।
पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध कोड डायल न करें।










































