हेमंत बघेल
कसडोल। विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पूटपुरा में वर्षों से चली आ रही बेजा कब्जे की समस्या का समाधान प्रशासन और ग्राम पंचायत की पहल से आपसी सहमति के साथ किया गया। नायब तहसीलदार, राजस्व अमले, पुलिस प्रशासन तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गांव के विभिन्न स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ लोगों द्वारा शासकीय भूमि पर किए गए कब्जों को हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर एवं तहसीलदार को आवेदन सौंपा गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कराया तथा ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों के साथ बैठक कर समाधान का रास्ता निकाला।

ग्रामीणों का कहना था कि गांव के लगभग 80 प्रतिशत परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से अपने मकानों में निवास कर रहे हैं और उनका जीवन-यापन वहीं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पुराने आवासीय मकानों को नुकसान न पहुंचाया जाए, बल्कि जिन लोगों ने निर्धारित सीमा से अधिक शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा है, केवल उसी अतिरिक्त हिस्से को हटाया जाए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की थी कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी भूमि पर नया कब्जा न कर सके, इसके लिए सख्त निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
तहसीलदार विवेक पटेल के निर्देश पर नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी, पटवारी गणेश ध्रुव, पुलिस प्रशासन, ग्राम पंचायत पूटपुरा के सरपंच ललित पैकरा , उपसरपंच हेमलाल साहू एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गांव में सीमांकन एवं समझाइश के बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। खास बात यह रही कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विवाद या तनाव उत्पन्न नहीं हुआ और अधिकांश लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर अतिरिक्त कब्जे को हटाने में सहयोग किया।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा अपनाए गए संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण के कारण गांव में शांति एवं सौहार्द का माहौल बना रहा। लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन इसी प्रकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए कार्य करता है तो भूमि विवादों का समाधान आसानी से संभव है।
कार्रवाई पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान आपसी सहमति और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी शासकीय भूमि की सुरक्षा और अवैध कब्जों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन इसी तरह प्रभावी कदम उठाएगा




