हेमंत बघेल
बिलासपुर। बिलासपुर रेंज में अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में मंगलवार को एक उच्च स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, थाना प्रभारी समेत करीब 200 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

कार्यशाला में सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने “गुंडा एवं निगरानी बदमाश” विषय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रिवेंटिव पुलिसिंग और बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने के उपाय बताए।
आईजी ने अपराधियों के सटीक वर्गीकरण, निगरानी बदमाशों की अनिश्चित समय पर सघन चेकिंग, रिकॉर्ड संधारण, डिजिटल और मैनुअल रिकॉर्ड के तालमेल तथा प्रत्येक बदमाश की निगरानी के लिए “एक गुंडा-एक जवान” नीति लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जमानत पर छूटने के बाद दोबारा अपराध करने वालों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 480 के तहत जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। साथ ही धारा 110 बीएनएसएस, बाउंड ओवर, जिला बदर और PIT NDPS जैसे कानूनी प्रावधानों का भी प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
कार्यशाला में मानवाधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने, ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) को अपडेट रखने, कोटवारों और पुलिस मित्रों के सहयोग से सूचना तंत्र मजबूत करने तथा वर्षों से अपराध छोड़ चुके लोगों को निगरानी सूची से हटाने पर भी जोर दिया गया।
आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य सक्रिय अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखकर अपराध की पुनरावृत्ति रोकना है। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों का स्वयं मॉनिटरिंग कर अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




