हेमंत बघेल
बलौदाबाजार-भाटापारा। थाना हथबंद पुलिस की प्रभावी विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) भाटापारा श्री सतीश कुमार जायसवाल ने आरोपी सुरेन्द्र जांगड़े उर्फ रेन्चो (23 वर्ष), निवासी सासाहोली, थाना तिल्दा, जिला रायपुर को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।

पुलिस के अनुसार, 29 मार्च 2024 को थाना हथबंद क्षेत्र की 15 वर्ष 7 माह की नाबालिग बालिका लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर थाना हथबंद में अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 2 अप्रैल 2024 को बालिका को सकुशल बरामद किया गया। पूछताछ में उसने आरोपी द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने की जानकारी दी, जिसके बाद मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।

मामले की विवेचना निरीक्षक हेमंत पटेल ने की। जांच के दौरान मेडिकल, एफएसएल रिपोर्ट, मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मात्र दो माह के भीतर न्यायालय में चालान पेश किया गया।
विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 5(L)/6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और ₹500 का अर्थदंड सुनाया। इसके अलावा अपहरण से संबंधित धाराओं में भी अलग-अलग कारावास और अर्थदंड की सजा दी गई।
यह फैसला महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में त्वरित विवेचना और मजबूत साक्ष्य संकलन के महत्व को दर्शाता है।










































