हेमंत बघेल
बिलासपुर। रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर पुलिसिंग में पारदर्शिता, तकनीक के अधिकतम उपयोग और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया। बैठक में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

बैठक में न्यायालयीन समन-वारंट की तामिली, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही (न्याय श्रुति), ई-साक्ष्य, सीसीटीएनएस, अवैध प्रवासियों के सत्यापन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

आईजी गर्ग ने निर्देश दिए कि समन और वारंट की तामिली की अब गूगल शीट के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। थानों के कोर्ट आरक्षक तामिली की स्थिति, कारण और गवाहों की उपस्थिति का ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करेंगे, जिससे न्यायालयीन कार्यवाही में तेजी आएगी और लंबित मामलों में कमी होगी।
उन्होंने बताया कि अब ई-समन की तामिली व्हाट्सएप के माध्यम से भी की जा सकेगी। प्राप्तकर्ता द्वारा भेजा गया “OK” संदेश और उसका स्क्रीनशॉट वैध माना जाएगा। साथ ही नए जिलों में डेटा मैपिंग और दूरस्थ थानों में नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ‘न्याय श्रुति’ (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही) को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सभी थानों को आवश्यक उपकरणों से लैस करने और न्यायालयों से समन में ही गवाही का माध्यम स्पष्ट उल्लेख करने का अनुरोध किए जाने की बात कही गई।
आईजी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 के तहत ई-साक्ष्य के उपयोग को अनिवार्य बताते हुए जब्ती, तलाशी और गवाहों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक जिले में एक ‘आइडियल CCTNS थाना’ विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समाधान ऐप के जरिए अवैध प्रवासियों, किरायेदारों और फेरीवालों के नियमित सत्यापन के निर्देश दिए गए तथा इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट रेंज कार्यालय को भेजने को कहा गया।
संपत्ति संबंधी अपराधों, विशेषकर बाइक चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज करते समय इंजन और चेसिस नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संबंधित डेटाबेस को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा पुलिसिंग में तकनीक का शत-प्रतिशत उपयोग कर गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने का आह्वान किया।










































