हेमंत बघेल
कसडोल। विकासखंड कसडोल के ग्राम पंचायत पुटपुरा में भूमि अतिक्रमण को लेकर एक अनोखा विवाद सामने आया है। गांव के कुछ लोगों द्वारा करीब 40 से 50 वर्षों से आबाद भूमि पर बने पक्के मकानों को हटाने की मांग करते हुए कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को लगातार ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि पर दशकों से सैकड़ों परिवार निवास कर रहे हैं और उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव के श्रीराम भाठा क्षेत्र में लगभग 155 परिवार पिछले कई दशकों से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों ने अपने मकान बनाकर वहीं जीवनयापन शुरू किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने वाले कुछ लोग स्वयं भी महानदी तट की भूमि पर वर्षों से काबिज होकर खेती कर रहे हैं, लेकिन वे अन्य परिवारों के मकान हटाने की मांग कर रहे हैं।

पंचायत ने सर्वसम्मति से लिया प्रस्ताव
ग्राम पंचायत पुटपुरा के सरपंच ललित पैकरा ने बताया कि इस विषय को लेकर पंचायत में 10 से अधिक बार बैठक आयोजित की जा चुकी है। पंचायत एवं ग्रामीणों की सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है कि वर्तमान में जो मकान बने हुए हैं, उन्हें नहीं तोड़ा जाएगा। साथ ही भविष्य में कोई भी व्यक्ति पंचायत की अनुमति के बिना नया निर्माण नहीं करेगा।

सरपंच ने कहा कि पंचायत का उद्देश्य गांव में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है तथा वर्षों से बसे परिवारों को बेघर होने से बचाना है।
ग्रामीणों ने जताई चिंता
गांव के बुजुर्ग छेदराम ने बताया कि वह कई वर्षों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं और उनके पास रहने के लिए अन्य कोई स्थान नहीं है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पहले से बने मकानों को नहीं तोड़ा जाए।
वहीं ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच कमलेश साहू ने कहा कि श्रीराम भाठा क्षेत्र में लगभग 40 से 50 वर्षों से 155 परिवार निवास कर रहे हैं। उन्होंने शासन से मांग की कि जहां मकान बन चुके हैं, उन क्षेत्रों को सुरक्षित आबादी घोषित कर पात्र परिवारों को पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बार-बार शिकायत कर गांव का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
पंचायत ने तहसीलदार को सौंपा आवेदन
20 मई 2026 को आयोजित ग्राम पंचायत बैठक में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा एक आवेदन तहसीलदार कसडोल को भेजा गया। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों की सहमति से विवादित भूमि पर वर्तमान स्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया गया है तथा पूर्व में की गई शिकायतों को निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
पंचायत के प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि भविष्य में पंचायत की अनुमति के बिना कोई नया मकान निर्माण नहीं किया जाएगा तथा भूमि संबंधी मामलों में पंचायत की सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी।
सोमवार को होगी जांच
मामले को लेकर तहसीलदार विवेक पटेल ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान इस संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सोमवार को मौके पर पहुंचकर जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे मामले पर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों की मांग है कि वर्षों से बसे परिवारों को राहत देते हुए उनके मकानों को सुरक्षित रखा जाए तथा पात्र हितग्राहियों को वैधानिक पट्टा प्रदान किया जाए।




