हेमंत बघेल
छत्तीसगढ़, रायपुर। आज के दौर में सच्चा प्यार मिलना किसी चुनौती से कम नहीं है। कहीं प्यार के नाम पर धोखा मिलता है, तो कहीं शादी का झांसा देकर रिश्तों को बदनाम कर दिया जाता है। ऐसी खबरें आए दिन सुनने और देखने को मिलती हैं। लेकिन इन सबके बीच कुछ प्रेम कहानियां ऐसी भी होती हैं, जो लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि अगर प्यार सच्चा हो, तो सात समंदर की दूरियां भी कोई मायने नहीं रखतीं। आज हम आपको एक ऐसी ही दिलचस्प प्रेम कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप भी कह उठेंगे—वाह! प्यार हो तो ऐसा!

जी हां, छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ ब्लॉक के एक छोटे से गांव भुईगांव की बेटी ने सात समंदर पार बैठे अपने जीवनसाथी को अपना हमसफर चुन लिया। इस प्रेम कहानी में खास बात यह है कि दूल्हा कोई भारत के दूसरे शहर से नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर नीदरलैंड से अपनी दुल्हन के साथ जीवन बिताने का फैसला लेकर आया है।
भुईगांव की बेटी को मिला सात समंदर पार का जीवनसाथी
दरअसल, पामगढ़ ब्लॉक के ग्राम भुईगांव की 25 वर्षीय क्रिस्टीना नथेनियल और नीदरलैंड के 32 वर्षीय युवक क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश वरबूम का विवाह इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। दो अलग-अलग देशों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े इस जोड़े ने अपने रिश्ते को शादी के पवित्र बंधन में बांधने का फैसला किया।
जहां एक ओर भुईगांव की गलियों में पली-बढ़ी क्रिस्टीना ने अपने जीवनसाथी के रूप में विदेश के युवक को चुना, वहीं दूसरी ओर नीदरलैंड के युवक ने भी भारत की इस बेटी के साथ अपना भविष्य जोड़ने का निर्णय लिया। इस रिश्ते ने लोगों के बीच उत्सुकता पैदा कर दी है कि आखिर कैसे दो अलग-अलग देशों के रहने वाले दो लोग एक-दूसरे के इतने करीब आ गए कि उन्होंने साथ जीने-मरने का फैसला कर लिया।
16 अक्टूबर को पूरी हुई विवाह की कानूनी प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को अपर कलेक्टर एवं विवाह अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता के समक्ष विवाह की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद जोड़े को विवाह प्रमाण-पत्र जारी किया गया। इस तरह भुईगांव की बेटी क्रिस्टीना नथेनियल और नीदरलैंड के युवक क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश वरबूम का रिश्ता कानूनी रूप से विवाह के बंधन में बंध गया।
छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव से लेकर नीदरलैंड तक जुड़ा यह रिश्ता अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ गांव की बेटी की शादी विदेश के युवक से होने की बात लोगों को आकर्षित कर रही है, तो दूसरी तरफ यह कहानी दो अलग-अलग संस्कृतियों के मिलन की मिसाल भी पेश कर रही है।
जब दिल मिले तो सरहदें भी छोटी पड़ जाती हैं!
कहते हैं कि प्यार न तो किसी देश की सीमा देखता है, न भाषा का बंधन मानता है और न ही हजारों किलोमीटर की दूरी से घबराता है। जब दो दिल एक-दूसरे को अपना मान लेते हैं, तो उनके बीच की दूरियां भी धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा पामगढ़ के भुईगांव की इस प्रेम कहानी में देखने को मिल रहा है।
आज जहां रिश्तों में भरोसे की कमी और प्यार में धोखे की खबरें अक्सर सामने आती हैं, वहीं क्रिस्टीना और क्रिस्टीयान की यह कहानी लोगों को रिश्तों की एक अलग तस्वीर दिखाती है। हालांकि, इस जोड़े की मुलाकात कैसे हुई, दोनों के बीच प्यार की शुरुआत कब और कैसे हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन इतना जरूर है कि दोनों ने अपने रिश्ते को विवाह तक पहुंचाने का फैसला किया है।
प्यार की डोर ने भारत और नीदरलैंड को जोड़ा
प्यार एक ऐसा एहसास है, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयां करना आसान नहीं है। कभी-कभी दो अनजान लोग मिलते हैं, फिर दोस्ती होती है, दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदलती है और देखते ही देखते वही रिश्ता जिंदगी भर साथ निभाने के वादे तक पहुंच जाता है।
किस्मत का खेल भी बड़ा निराला होता है। कौन किसका जीवनसाथी बनेगा, यह कोई नहीं जानता। किसी की जोड़ी अपने ही शहर में बन जाती है, तो किसी की जोड़ी सात समंदर पार जाकर मिलती है। भुईगांव की क्रिस्टीना और नीदरलैंड के क्रिस्टीयान की शादी भी ऐसी ही एक कहानी बन गई है, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
अब इस जोड़े के सामने एक नई जिंदगी की शुरुआत है, जिसमें दो देशों की संस्कृतियां, रीति-रिवाज और परंपराएं एक नए रिश्ते के साथ जुड़ेंगी।
आखिर में बस इतना ही कहा जा सकता है कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती। अगर दो लोगों के बीच अपनापन और साथ निभाने का विश्वास हो, तो सात समंदर की दूरी भी उन्हें एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने से नहीं रोक सकती। पामगढ़ के छोटे से गांव भुईगांव की बेटी और नीदरलैंड के युवक की यह शादी इसी खूबसूरत एहसास की एक अनोखी मिसाल बनकर सामने आई है।
भुईगांव से नीदरलैंड तक जुड़ा यह रिश्ता अब लोगों के लिए सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि सात समंदर पार पहुंची एक प्रेम कहानी बन गया है।










































