मरीज ले जाने को लेकर हुआ विवाद, पीड़ित ने गाली-गलौज और मारपीट का लगाया आरोप; अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। जिला अस्पताल परिसर में मरीज को लेने पहुंचे एक प्राइवेट एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित चालक गोपाल साहू ने 108 एंबुलेंस चालक हेतराम साहू और उसके साथियों पर गाली-गलौज एवं मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित गोपाल साहू, निवासी ग्राम मटिया, थाना गिधौरी, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एंबुलेंस चलाने का काम करता है। 4 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7 बजे वह जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में एक मरीज को लेने पहुंचा था। इसी दौरान 108 एंबुलेंस चालक हेतराम साहू और उसके साथी वहां पहुंचे और मरीज को ले जाने की बात को लेकर विवाद करने लगे।

पीड़ित के अनुसार, विवाद के दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई और हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। मारपीट में उसके कंधे, गले और सिर में चोट आने की बात शिकायत में कही गई है। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों द्वारा घटना देखे जाने का भी उल्लेख किया गया है।
मरीज को ले जाने को लेकर विवाद
पीड़ित का कहना है कि जिला अस्पताल में भर्ती मरीज उसके परिचित थे और उनके फोन करने पर वह उन्हें लेने अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि इसी दौरान 108 चालक ने मरीज को बाहर की एंबुलेंस से ले जाने को लेकर विवाद किया।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल परिसर में बाहर से आने वाली प्राइवेट एंबुलेंसों के चालकों को मरीज ले जाने से रोकने को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बनती रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
108 चालक पर निजी एंबुलेंस से जुड़े होने का आरोप
मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि 108 सेवा में कार्यरत संबंधित चालक के पास कथित तौर पर निजी एंबुलेंस भी है। आरोप है कि अस्पताल परिसर में मरीजों को लेकर बाहर से आने वाली प्राइवेट एंबुलेंसों को रोकने को लेकर दबाव बनाया जाता है।
हालांकि, इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मारपीट के बाद धमकी देने का भी आरोप
पीड़ित गोपाल साहू ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वह शिकायत दर्ज कराने सिटी कोतवाली जा रहा था, उसी दौरान हेतराम साहू की ओर से उसे फोन किया गया। पीड़ित का दावा है कि फोन पर उसे दोबारा धमकी दी गई और जान से मारने की बात कही गई।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद जिला अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद घटना के दौरान तत्काल हस्तक्षेप क्यों नहीं हुआ, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
लोगों का सवाल है कि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के साथ विवाद या मारपीट की स्थिति उत्पन्न होने पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है। यदि अस्पताल परिसर में किसी व्यक्ति के साथ मारपीट होती है तो वहां मौजूद सुरक्षा एवं पुलिस व्यवस्था द्वारा तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह भी जांच का विषय है।
वहीं, अस्पताल परिसर के बाहर प्राइवेट एंबुलेंसों की मौजूदगी और पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी समय-समय पर विवाद की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में अस्पताल परिसर में मरीजों, परिजनों और एंबुलेंस चालकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अस्पताल प्रभारी ने कहा—जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में जिला अस्पताल प्रभारी डॉक्टर अशोक वर्मा ने बताया कि 108 सेवा टेंडर के माध्यम से संचालित होती है। उन्होंने कहा कि संबंधित 108 प्रभारी से बात की गई है और मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कथित संपत्ति की जांच की मांग
मामले के बीच कुछ लोगों की ओर से 108 चालक की कथित संपत्ति और वाहनों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि संबंधित चालक के पास कथित तौर पर कई वाहन और संपत्ति है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में यदि इस संबंध में कोई शिकायत या ठोस दस्तावेज पुलिस प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, तो संबंधित संपत्ति और वाहनों के स्वामित्व की भी नियमानुसार जांच की जा सकती है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
सिटी कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए FIR दर्ज कर ली है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला 108 प्रभारी वरुण कोशले ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले में 108 चालक हेतराम साहू के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तथा उसे कार्य से हटाने की बात कही गई है।
फिलहाल जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर प्राइवेट एंबुलेंस चालक के साथ कथित मारपीट और धमकी के इस मामले ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा एंबुलेंस संचालन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तविक विवाद क्या था और मारपीट के आरोप कितने सही हैं।










































