हेमंत बघेल
कसडोल। कांग्रेस पार्टी की बैठक में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर पारित किए गए प्रस्ताव पर भाजपा मंडल कसडोल के अध्यक्ष डॉ. सुदीप मानिकपुरी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस के प्रस्ताव को अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

डॉ. सुदीप मानिकपुरी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। ऐसे संवेदनशील विषय को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा करना देश की भावनाओं का अपमान है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पारित प्रस्ताव को लेकर यह सवाल उठता है कि क्या किसी राजनीतिक दल का प्रस्ताव संविधान, संसद और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश में संविधान सर्वोच्च है और किसी भी राजनीतिक दल को स्वयं को संविधान या राष्ट्र से ऊपर मानने का अधिकार नहीं है।
डॉ. मानिकपुरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वर्तमान राजनीति में राष्ट्रहित से जुड़े संवेदनशील विषयों को भी राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय प्रतीकों तथा देश की एकता और अखंडता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि इतिहास में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जिस प्रकार के विवाद और विरोध सामने आए थे, उसी प्रकार की मानसिकता यदि आज भी दिखाई देती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसके लिए राष्ट्र सर्वोपरि है या पार्टी का राजनीतिक प्रस्ताव।










































