हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। जिले के कसडोल जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सिनोधा में लगभग 16 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे अमृत सरोवर निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और कथित ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण निर्माणाधीन संरचना में पहली ही बारिश के बाद दरारें दिखाई देने लगी हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस तालाब में अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है, वह निस्तारी उपयोग के लिहाज से उपयुक्त नहीं है। तालाब तक लोगों के आने-जाने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद यहां अमृत सरोवर का निर्माण कर शासन की महत्वाकांक्षी योजना के लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

आरोप है कि निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है, लेकिन गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया, जिसके चलते निर्माणाधीन हिस्सों में पहली बारिश के साथ ही दरारें पड़ने लगी हैं।

इस मामले में सरपंच रामनारायण का कहना है कि सामग्री सप्लायर द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुरूप सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया है।

हालांकि इस जवाब पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि निर्माण सामग्री शुरुआत से ही मानक के अनुरूप नहीं थी, तो कार्य प्रारंभ क्यों किया गया? और जब निर्माण एजेंसी स्वयं ग्राम पंचायत है, तब कथित ठेकेदार को भुगतान किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी इस प्रकार के कई अमृत सरोवर निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई योजनाएं अधूरी हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि शासन की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा कर सके।




