हेमंत बघेल
जांजगीर-चांपा। प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड चांपा को ई-मेल के जरिए बैंक खाता बदलने का झांसा देकर 28 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में जांजगीर-चांपा पुलिस की साइबर टीम ने एक आरोपी को बिहार के सीतामढ़ी जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी को भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक ग्राम परिगमा से पकड़ा गया।

पुलिस के मुताबिक प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड चांपा के पर्चेस विभाग में कार्यरत कर्मचारी ने साइबर थाना जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी को राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से एक ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें बैंक खाता बदलने की जानकारी दी गई थी। ई-मेल आईडी में केवल एक शब्द बदलकर उसे वास्तविक ई-मेल आईडी जैसा बनाया गया था। कंपनी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और 28 लाख रुपये की राशि बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी।

बाद में जब राउरकेला इस्पात संयंत्र से भुगतान के संबंध में जानकारी ली गई तो वहां से भुगतान प्राप्त नहीं होने की जानकारी मिली। इसके बाद कंपनी को साइबर ठगी का पता चला।
मामले में साइबर थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत धारा 318(4) BNS एवं 66(C)/66(D) IT Act के तहत अपराध दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
बैंक डिटेल और तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में साइबर टीम ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की।
जांच में ठगी की रकम जिस बैंक खाते में पहुंची, वह पंकज मुखिया पिता जहरा मुखिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम परिगमा, थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी, बिहार के नाम पर पाया गया। पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पहले अपने आधार कार्ड में दिल्ली का पता दर्ज कराया था, जिसे बाद में बिहार के पते पर अपडेट कराया गया था। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस को आरोपी के बिहार में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद साइबर पुलिस टीम ने थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी पंकज मुखिया को गिरफ्तार किया।
ठगी की रकम खाते में मंगवाकर आपस में बांटते थे
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाया था। साइबर ठगी की रकम इस खाते में आने के बाद रकम को आपस में बांट लिया जाता था। आरोपी ने अपने हिस्से में मिली रकम को खर्च कर देने की बात पुलिस को बताई है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड सहित साइबर अपराध से जुड़े अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। आरोपी को बिहार में गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया और उसे जांजगीर-चांपा लाया गया। इसके बाद आरोपी को जांजगीर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले में अन्य सह आरोपियों की तलाश जारी है।
23 लाख रुपये होल्ड, वापस मिलने की प्रक्रिया जारी
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी की जानकारी मिलते ही साइबर क्राइम पोर्टल/1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। त्वरित कार्रवाई के चलते 28 लाख रुपये में से 23 लाख रुपये होल्ड कराए गए हैं। इस राशि को पीड़ित कंपनी को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो बिना देरी किए 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें तथा नजदीकी थाने को भी सूचना दें। पुलिस के मुताबिक जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, ठगी की रकम को होल्ड कराने और वापस प्राप्त करने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।
इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक शिवानंद सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, आरक्षक शहबाज खान एवं गिरीश कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










































