हेमंत बघेल
जांजगीर-चांपा। थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम कोसा में जून 2026 में हुए अमित भंडारी हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग मुख्य वजह सामने आई है। मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों बजरंग सिंह, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार 27 जून की रात अमित भंडारी अपने घर से निकला था। इसके बाद 29 जून की सुबह उसका शव गांव के अमहदा तालाब के पास एक सुनसान बाड़ी में बरामद हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने हत्या की जांच के लिए अलग-अलग पहलुओं को खंगालते हुए SIT का गठन किया।
जांच के दौरान CDR, IPDR, टावर डंप, GPS, CCTV फुटेज और संदिग्धों की लोकेशन का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया गया। बिलासपुर से आई सीनियर ट्रैकर डॉग विमला की भूमिका भी जांच में महत्वपूर्ण बताई गई है।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अमित भंडारी का गांव की ही संतोषी सिंह से शादी से पहले से प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी थी। पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात भी दोनों करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात करते रहे। इसके बाद करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा।
इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा और अमित को अपनी बहन के साथ देखकर विवाद करने लगा। पुलिस के अनुसार विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर दीवार से टकरा गया। भागने की कोशिश कर रहे अमित पर बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
24 घंटे से ज्यादा शव छिपाकर रखा
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद बजरंग सिंह ने शव को घर के पीछे बाड़ी में झुरमुट के नीचे छिपा दिया। उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल 112 की टीम पहुंची हुई थी और ग्रामीण भी जाग रहे थे, इसलिए आरोपी शव को तत्काल दूसरी जगह नहीं ले जा सके।
अगले दिन बजरंग ने अपने भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी। दोनों ने अमित को तलाशने का नाटक किया और परिजनों के साथ थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार 28 जून की रात करीब 12 बजे दोनों ने शव को वहां से हटाकर गांव के बीच स्थित दूसरी जगह रख दिया, ताकि पुलिस का शक उन पर न जाए।
ट्रैकर डॉग से लेकर आधुनिक तकनीक तक, ऐसे खुला राज
जांच के दौरान ट्रैकर डॉग विमला से मिली लीड, आरोपियों की लोकेशन, घटना के बाद उनका संदिग्ध व्यवहार और पूछताछ के दौरान बार-बार बदलते बयानों ने पुलिस का संदेह बढ़ाया। आधुनिक तकनीकी परीक्षणों के बाद पुलिस ने आरोपियों से दोबारा पूछताछ की, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छोटा फावड़ा/रापा तथा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई छोटी सीढ़ी बरामद की है।
पुलिस ने बजरंग सिंह निवासी कोसा, संतोषी सिंह निवासी हाथनेवरा, चांपा (मायका कोसा) और पप्पू सिंह निवासी कोसा को गिरफ्तार किया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि बजरंग सिंह का पुलिस रिमांड लेकर आगे फॉरेंसिक जांच और आधुनिक तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है।










































