हेमंत बघेल
कसडोल। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में डायल 112 की मुस्तैदी, सूझबूझ और मानवीय कार्यशैली से एक बड़ी घरेलू हिंसा की घटना टल गई। ग्राम पुटपुरा में शराब के नशे में परिवार के सदस्यों से मारपीट कर रहे युवक को पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से समझाइश देकर शांत कराया। पुलिस की इस कार्रवाई से प्रभावित परिवार ने टीम को ₹1000 का इनाम देना चाहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने इसे लेने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर ईमानदारी की मिसाल पेश की।

जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे डायल 112 को सूचना मिली कि ग्राम पुटपुरा में एक युवक शराब के नशे में अपनी पत्नी, सास-ससुर, साले तथा तीन छोटे बच्चों के साथ मारपीट कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल 112 की ‘बाज-1’ टीम, जिसमें आरक्षक आशुतोष बंजारे सहित अन्य स्टाफ शामिल थे, तत्काल मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। पूछताछ के दौरान पीड़ित परिवार ने बच्चों के भविष्य और सामाजिक प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई से इनकार किया तथा युवक को समझाने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस टीम ने बल प्रयोग करने के बजाय काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक तरीके से युवक को समझाया। पुलिस की समझाइश का असर ऐसा हुआ कि युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए परिवार के सभी सदस्यों से पैर पकड़कर माफी मांगी।
पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से खुश होकर परिवार ने सम्मान स्वरूप टीम को ₹1000 देने की पेशकश की, लेकिन डायल 112 के जवानों ने यह कहते हुए राशि लेने से मना कर दिया कि जनता की सेवा और सुरक्षा करना उनका कर्तव्य है।
घटना के बाद कॉलर और उसके परिवार ने एक वीडियो संदेश जारी कर डायल 112 की ‘बाज-1’ टीम और बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस की इस कार्यशैली की क्षेत्र में सराहना हो रही है।




