हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। जिले के कसडोल के वीर सपूत एवं शहीद संतराम साहू की 17वीं पुण्यतिथि पर रविवार को कसडोल विधायक संदीप साहू ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

हालांकि इस अवसर पर प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं किए जाने से शहीद के परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

नगर पंचायत कसडोल के विधायक प्रतिनिधि चंदन साहू ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह शहीद संतराम साहू का अपमान है। उन्होंने कहा कि जिस वीर जवान ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, उसकी पुण्यतिथि पर भी प्रशासन संवेदनशीलता नहीं दिखा सका। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक पर बुनियादी व्यवस्थाएं तक नहीं की गईं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मदनवाड़ा हमले में हुए थे शहीद
गौरतलब है कि 12 जुलाई 2009 को राजनांदगांव जिले के मदनवाड़ा में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में तत्कालीन एसपी बी.के. चौबे सहित 29 पुलिस जवान शहीद हो गए थे। इन्हीं शहीदों में कसडोल निवासी संतराम साहू भी शामिल थे। उनकी शहादत ने कसडोल का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया और आज भी वे नगरवासियों के दिलों में अमर हैं।

2007 में पुलिस सेवा में हुआ था चयन
संतराम साहू का पुलिस विभाग में चयन 19 मई 2007 को हुआ था। पहली नियुक्ति राजनांदगांव में मिली। लगभग एक वर्ष तक जिला मुख्यालय में सेवाएं देने के बाद वे प्रशिक्षण के लिए मैनपाट गए। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी ड्यूटी कुछ समय के लिए विधानसभा में लगाई गई। इसके बाद वे एक महीने की छुट्टी लेकर अपने गृह नगर कसडोल आए और परिवार के साथ समय बिताया। 29 जून 2009 को वे छुट्टी समाप्त कर वापस ड्यूटी पर लौटे और महज कुछ दिनों बाद 12 जुलाई 2009 को मदनवाड़ा नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
शहीद की पुण्यतिथि पर प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का सम्मान करना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। ऐसे अवसरों पर उपेक्षा न केवल शहीद के परिवार की भावनाओं को आहत करती है, बल्कि पूरे समाज के लिए भी पीड़ादायक है।




