हेमंत बघेल
चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र में करीब 70 साल पुरानी जमीन से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर 5 डिसमिल जमीन को दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कराया गया और बाद में फर्जी मुख्तियारनामा बनवाकर करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री करने की साजिश रची गई। मामले में चांपा पुलिस ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, चांपा निवासी पुरुषोत्तम सोनी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके दादा गोकुल सोनी के नाम ग्राम चांपा स्थित खसरा नंबर 958 की 5 डिसमिल जमीन वर्ष 1954-55 से दर्ज थी। लेकिन वर्ष 1985-86 में कथित रूप से तहसील कार्यालय के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों ने राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर उक्त जमीन गोकुल भोई, निवासी मल्दामाल (जिला महासमुंद) के नाम दर्ज कर दी।
शिकायत के मुताबिक, संतोष यादव और संदीप ठाकुर ने वर्ष 2025 में गोकुल भोई को झांसा देकर कहा कि चांपा में उनकी 15 डिसमिल जमीन है और उसके बदले उन्हें 19 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद 12 जनवरी 2026 को उन्हें सारंगढ़ उप पंजीयक कार्यालय ले जाकर मुख्तियारनामा तैयार कराया गया।
इसी मुख्तियारनामा के आधार पर 19 फरवरी 2026 को संतोष यादव ने उक्त जमीन की रजिस्ट्री संदीप ठाकुर के नाम 77.79 लाख रुपये में करा दी। बदले में गोकुल भोई के नाम 19,22,201 रुपये का एचडीएफसी बैंक का चेक दिया गया, लेकिन वह बैंक से भुगतान योग्य नहीं निकला।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
गोकुल भोई ने पुलिस को बताया कि वह कभी चांपा नहीं गया और न ही उसकी वहां कोई जमीन है।
उप पंजीयक कार्यालय में जमा आधार और पैन कार्ड में जन्मतिथि से छेड़छाड़ कर वर्ष 1961 की जगह 1948 दर्ज की गई।
एसडीएम (राजस्व) चांपा की जांच में वर्ष 1957 की बिक्री प्रविष्टि और संशोधन पंजी में कटिंग कर फर्जी प्रविष्टि दर्ज किए जाने की पुष्टि हुई।
पुलिस की कार्रवाई
चांपा पुलिस ने प्रारंभिक जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और छलपूर्वक संपत्ति हड़पने का मामला पाए जाने पर संदीप ठाकुर, संतोष यादव एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।




