हेमंत बघेल
कसडोल। विकासखंड के महानदी से इन दिनों ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रेत खनन जारी है। ब्लॉक के अलग-अलग रेत घाटों से दिन और रात में भारी मात्रा में महानदी की सीना को छलनी करते हुए ट्रैक्टर चालक रेत उत्खनन कर खनिज संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही लाखों रुपये के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

इसको लेकर कलेक्टर कुलदीप शर्मा और एसडीएम रामरतन दुबे के निर्देश पर नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी द्वारा बीते सप्ताह से अवैध रेत खनन कर ले जा रहे ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की जा रही है। नायब तहसीलदार की कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर चालकों में नाराजगी देखने को मिली। ट्रैक्टर चालक बिना किसी वैध रॉयल्टी के महानदी से रेत चोरी कर ग्रामीण क्षेत्रों में 1500 से 2000 रुपये तक में रेत बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।

वहीं बीते 18 जून को नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी द्वारा बिना रॉयल्टी के रेत भरकर परिवहन करने वाले ट्रैक्टर चालक राज ओगरे सहित एक अन्य ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी। ट्रैक्टर चालकों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था, जिसके बाद नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दो गाड़ियों पर कार्रवाई की।
वहीं आज कल रेत परिवहन करते पकड़े जाने पर 44 हजार रुपये की पेनाल्टी लगती है। साथ ही यदि घाट पर पकड़े जाते हैं तो 1 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इस कार्रवाई से आहत होकर ट्रैक्टर मालिक कमल ओगरे ने खेत में छिड़काव करने वाली कीटनाशक दवाई पी ली और नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा दिया। इसके बाद कमल ओगरे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल में भर्ती कराया गया।
मामला इतना गंभीर हो गया कि कसडोल विधायक संदीप साहू को भी आना पड़ा। मगर बड़ा सवाल यह है कि क्या अवैध रूप से रेत खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करेगा तो कौन करेगा? आए दिन अखबारों और न्यूज चैनलों में अवैध रेत खनन की खबरें प्रकाशित होती हैं, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आकर अवैध खनन को रोकने के लिए कार्रवाई करता है। मगर कुछ लोग कार्रवाई से डरते हुए बिना किसी ठोस सबूत के किसी भी तरह के आरोप लगा देते हैं।
सूत्रों की मानें तो जिस किसान कमल ओगरे ने कीटनाशक दवाई का सेवन किया था, वह बीते कई वर्षों से अपने गांव चांटीपाली के निजी दुकान में अवैध शराब बेचने का कार्य भी करते हैं। बहरहाल, इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होने के बाद ही वास्तविक निष्कर्ष सामने आएगा।




