हेमंत बघेल
बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले के जनपद पंचायत कसडोल अंतर्गत ग्राम पंचायत बार में शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम के मैदान समतलीकरण कार्य को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्वीकृत 7.88 लाख रुपये की योजना में बिना कार्य शुरू किए ही 3.15 लाख रुपये की पहली किस्त आहरित कर ली गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आदिवासी कन्या आश्रम परिसर में छात्राओं के खेल मैदान के समतलीकरण के लिए कुल 7.88 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। आरोप है कि कार्य शुरू होने से पहले ही पंचायत द्वारा 3.15 लाख रुपये बैंक से निकाल लिए गए, जबकि मौके पर अब तक मैदान समतलीकरण का कार्य दिखाई नहीं देता।

ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में पहले से ही समतल मैदान मौजूद है और बड़े पैमाने पर समतलीकरण की आवश्यकता भी नहीं थी। इसके बावजूद लाखों रुपये की स्वीकृति और राशि निकासी कई सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने सरपंच एवं सचिव पर शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई करते हुए पद से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा संबंधित तकनीकी अधिकारियों एवं इंजीनियरों की भूमिका की भी जांच कर शासकीय राशि की ब्याज सहित वसूली की जाए।
इस संबंध में जनपद पंचायत कसडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश साहू ने कहा,
“मैं मामले की जानकारी प्राप्त करवाता हूं। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं संबंधित सब इंजीनियर दुष्यंत ऑडिल ने बताया,
“योजना की राशि आहरित होने के बाद कार्य किया जाता है, लेकिन अब तक कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ, यह जांच का विषय है।”




