निर्माण में अनियमितता, टीन शेड उड़ने, वुडन फ्लोरिंग खराब होने और खिलाड़ियों के लिए मूलभूत सुविधाओं के अभाव का लगाया आरोप
हेमंत बघेल
कसडोल। नगर पंचायत कसडोल में अधोसंरचना मद के तहत नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम की गुणवत्ता और निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठी है। वरिष्ठ खिलाड़ी राघवेन्द्र पवार (लाला) ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नई दिल्ली को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है।

राघवेन्द्र पवार ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित स्टेडियम वर्तमान में खिलाड़ियों के उपयोग के लिए उपयुक्त स्थिति में नहीं है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम का टीन शेड बार-बार उड़ जाता है तथा कई स्थानों पर छेद होने के कारण बारिश का पानी अंदर टपकता है। इससे महंगी वुडन फ्लोरिंग भी नमी के कारण खराब होकर सड़ने लगी है।
उन्होंने यह भी बताया कि स्टेडियम में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है, कई स्थानों पर दरारें दिखाई दे रही हैं, खिलाड़ियों के लिए पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है तथा सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। वहीं आउटडोर मैदान की लेवलिंग भी सही नहीं होने से खेल गतिविधियों के संचालन में परेशानी हो रही है।
पवार का कहना है कि स्टेडियम के रखरखाव का भी अभाव है। इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि कसडोल विकासखंड आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र है, जहां कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। लेकिन स्टेडियम की बदहाल स्थिति के कारण उनकी खेल प्रतिभा प्रभावित हो रही है।
राघवेन्द्र पवार ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मांग की है कि स्टेडियम के निर्माण कार्य की स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से उच्च स्तरीय तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए तथा आवश्यक मरम्मत एवं उन्नयन कर इसे जल्द से जल्द खिलाड़ियों के उपयोग के लिए सुचारु रूप से संचालित कराया जाए।




