धारणा पब्लिक स्कूल में केजी-1 से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित होने की जानकारी; बीईओ ने कहा—स्कूल को नहीं मिली है मान्यता
हेमंत बघेल
कसडोल। विकासखंड के ग्राम चिखली में संचालित धारणा पब्लिक स्कूल की मान्यता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस वर्ष से स्कूल का संचालन शुरू किया गया है, जहां केजी-1 से लेकर आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि स्कूल में अब तक लगभग 60 से 70 बच्चों का प्रवेश लिया जा चुका है। ऐसे में स्कूल की मान्यता और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि स्कूल को विधिवत मान्यता प्राप्त नहीं है, तो इस तरह कक्षाएं संचालित करना नियमों के विपरीत हो सकता है। स्कूल सुबह 8 बजे से संचालित होने की जानकारी सामने आई है। लोगों का सवाल है कि यदि स्कूल को मान्यता नहीं मिली है, तो यहां पढ़ने वाले बच्चों की आगे की पढ़ाई, कक्षा उन्नति और परीक्षा संबंधी प्रक्रिया किस प्रकार पूरी होगी? इस स्थिति में बच्चों और उनके अभिभावकों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
संचालक ने मान्यता होने का किया दावा
इस मामले में स्कूल संचालक रूप चंद साहू से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि उनके पास स्कूल की मान्यता है। हालांकि, जब उनसे मान्यता संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहा गया, तो उन्होंने तत्काल दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात कही और अगले दिन दिखाने की बात कही। ऐसे में स्कूल की मान्यता से संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
बीईओ बोले—स्कूल को नहीं मिली है मान्यता
वहीं, विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरविन्द ध्रुव ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि धारणा पब्लिक स्कूल को अभी तक मान्यता प्राप्त नहीं हुई है। उनके अनुसार, स्कूल की ओर से मान्यता के लिए आवेदन जरूर दिया गया है, लेकिन आवेदन देना और मान्यता प्राप्त होना अलग-अलग बातें हैं।
शिक्षा विभाग से मिली सूची में भी धारणा पब्लिक स्कूल का नाम शामिल नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में स्कूल के संचालन की वैधता और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूल की मान्यता नहीं होने की जानकारी है, तो अब तक स्कूल के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है? क्या स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है? क्या मौके पर पहुंचकर जांच की गई है? और क्या बच्चों के प्रवेश तथा उनकी पढ़ाई से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है?
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और अभिभावकों को भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग इस मामले में कब तक जांच कर कार्रवाई करता है और धारणा पब्लिक स्कूल की मान्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट करता है।










































