हेमंत बघेल
कसडोल। क्षेत्र के एकमात्र शासकीय महाविद्यालय स्व. दौलतराम शर्मा शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की छतों से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, कई जगहों पर प्लास्टर टूटकर गिर रहा है और सरिया भी दिखाई देने लगा है। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले हजारों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

महाविद्यालय के कई कक्षों की छत से प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहा है। बरसात के दौरान पानी का रिसाव बढ़ जाने से भवन और अधिक कमजोर हो गया है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. डी. साहू ने 20 जुलाई 2026 को कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, संभाग बलौदाबाजार को पत्र लिखकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में प्राचार्य ने उल्लेख किया है कि भवन अत्यंत जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हो चुका है। सभी कक्षाओं की छतों से पानी टपक रहा है, प्लास्टर झड़ रहा है तथा कई स्थानों पर सरिया दिखाई देने लगा है। उन्होंने आशंका जताई है कि भवन की छत कभी भी गिर सकती है, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती है। पत्र में भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने, तत्काल मरम्मत कराने तथा सक्षम अधिकारी को प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया गया है। निरीक्षण के फोटो भी पत्र के साथ संलग्न किए गए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्वयं महाविद्यालय प्रशासन ने भवन को असुरक्षित बताते हुए पीडब्ल्यूडी को चेतावनी दे दी है, तो नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले संबंधित विभाग और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं। यदि समय रहते मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो छात्रों और शिक्षकों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
इनका कहना
हमने लोकनिर्माण बलौदाबाजार ,संभाग कसडोल को मरम्मत के लिए पत्र भेजें है।
डी.डी. साहू, प्राचार्य महाविद्यालय कसडोल
इनका कहना
प्राचार्य ने लोकनिर्माण विभाग को लेटर लिखें है, स्टीमेट बनाने एक दो दिन में इंजीनियर आने वाले हैं।
पुनेश्वरनाथ मिश्रा, अध्यक्ष जनभागीदारी महाविद्यालय










































