हेमंत बघेल
कसडोल/बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के कसडोल स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्राओं ने शिकायत की कि उन्हें दिए जा रहे चावल में कीड़े (इल्लियां) मिल रहे हैं। मामला सामने आने के बाद पालकों में नाराजगी फैल गई और इसकी शिकायत सीधे कलेक्टर से की गई।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल जिला मिशन समन्वयक (DMC) नरेंद्र वर्मा को जांच के लिए विद्यालय भेजा। जांच के दौरान डीएमसी ने छात्राओं से बातचीत की, जिसमें बच्चियों ने बताया कि भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत सही है। प्रारंभिक जांच में भी चावल में कीड़े मिलने की पुष्टि हुई।
जांच अधिकारी नरेंद्र वर्मा ने रसोई का निरीक्षण कर तत्काल निर्देश दिए कि जब तक चावल की अच्छी तरह सफाई नहीं की जाती, तब तक उससे भोजन तैयार न किया जाए। उन्होंने अधीक्षिका को निर्देशित किया कि चावल को मिलिंग में दोबारा साफ करवाकर ही छात्राओं को भोजन परोसा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
अब यह देखना होगा कि छात्राओं की सेहत से जुड़ी इस गंभीर लापरवाही पर जिला प्रशासन दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
अधीक्षिका का पक्ष
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की अधीक्षिका देवकुमारी नायक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा,
“जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे झूठे और बेबुनियाद हैं।”
जांच अधिकारी नरेंद्र वर्मा का बयान
“कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में चावल में कीड़ा मिलने की शिकायत प्राप्त हुई थी। कलेक्टर के निर्देश पर जांच के लिए आया हूं। जांच के दौरान चावल में एक-दो कीड़े मिले। रसोई स्टाफ को निर्देश दिया गया है कि चावल की अच्छी तरह सफाई होने तक उससे खाना न बनाया जाए। अधीक्षिका को भी चावल को मिलिंग में साफ कराने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।”




