हेमंत बघेल
कसडोल। कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में हुए चर्चित कथित जहरीली शराब हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। मंगलवार को मृतकों के परिजन और ग्रामीण बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक गौरव राय को ज्ञापन सौंपकर मामले में कथित रूप से शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की।

परिजनों ने आवेदन में आरोप लगाया है कि 6 फरवरी 2026 से 14 मई 2026 के बीच गांव के कई लोगों को कथित साजिश के तहत शराब में सुहागा नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। आवेदन के अनुसार इस घटना में बद्री पटेल, बुठालू साहू, छत्तूराम साहू, बुधराम जायसवाल, विनोद साहू, गजनंद मांझी, चेतूराम साहू और महेतरू राम साहू सहित कुल आठ लोगों की जान गई।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि अब तक इस मामले में केवल रामसहाय जायसवाल की गिरफ्तारी हुई है, जबकि देवनारायण जायसवाल, मोहन जायसवाल समेत अन्य लोगों की भी कथित संलिप्तता रही है। उनका दावा है कि सभी मृतकों को सुनियोजित तरीके से जहरीला पदार्थ मिलाकर शराब पिलाई गई थी।
आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि मृतक बुधराम जायसवाल ने मृत्यु से पहले अपने परिजनों और गांव की महिलाओं को बताया था कि उसे देवनारायण जायसवाल ने शराब दी थी। वहीं, मृतक गजनंद मांझी के संबंध में आरोप लगाया गया है कि मोहन जायसवाल उसके घर पहुंचा और रामसहाय जायसवाल द्वारा दी गई शराब उसे पिलाई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
परिजनों का कहना है कि मामले को 45 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जांच अभी तक सभी कथित आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
एसपी बोले— जांच जारी, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन में लगाए गए सभी आरोपों की विधिवत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना जारी है तथा मेडिकल और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप मृतकों के परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन पर आधारित हैं। पुलिस जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।










































