गोवर्धन यदु
तिल्दा-नेवरा। रायगढ़ स्थित अग्रोहा धाम में आयोजित द्वितीय राज्य स्तरीय पारा योगासन प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 150 से अधिक दिव्यांग योग खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी योग प्रतिभा, आत्मविश्वास, अनुशासन और अदम्य जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के दौरान योग शिक्षक पुरुषोत्तम निषाद ने निर्णायक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के योगासन प्रदर्शन, संतुलन, शारीरिक नियंत्रण, तकनीक एवं प्रस्तुति का निर्धारित नियमों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन किया।
इस अवसर पर नितेश कुमार पटेल ने कहा कि दिव्यांग योग खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, अनुशासन और संघर्ष की भावना पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए जिस उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया, वह वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने सभी दिव्यांग योग खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
प्रतियोगिता में निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर पुरुषोत्तम निषाद को दावड़ा विश्वविद्यालय परिवार की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
इस उपलब्धि पर अंचल के जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों बबलू पटेल, धन्ना निषाद, आनंद यादव, उत्तम विश्वास, किशन वैष्णव, संदीप शुक्ला, बिसहत वर्मा, जय सिंह वर्मा, सरपंच दुलेंद्र साहू एवं दिनेश निषाद ने भी पुरुषोत्तम निषाद को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।










































