हेमंत बघेल
बलौदाबाजार। वनमंडल द्वारा प्रत्येक शनिवार आयोजित किए जाने वाले ‘युवान’ कार्यक्रम एवं वन महोत्सव के तहत जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्रों में वन भ्रमण, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जागरूक बनाना और वन संरक्षण के प्रति उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

इस दौरान अर्जुनी, देवपुर, कोठारी, सोनाखान एवं बल्दाकछार वन परिक्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीवों का महत्व, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, जल एवं मृदा संरक्षण तथा प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन शैली की व्यवहारिक जानकारी दी गई। साथ ही मिट्टी कटाव के कारण और उसके रोकथाम के उपायों से भी अवगत कराया गया।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधारोपण
कार्यक्रम के अंतर्गत कोठारी, सोनाखान एवं बल्दाकछार वन परिक्षेत्र के विद्यालयों और ग्रामों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन प्रबंधन समितियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर उनकी सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

अर्जुनी, कोठारी, देवपुर, सोनाखान और बल्दाकछार वन परिक्षेत्र के कुल 7 स्थानों पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने वन भ्रमण, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण तथा जल एवं मृदा संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई।
वनमंडलाधिकारी ने बताया कार्यक्रम का उद्देश्य
वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि ‘युवान’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाकर उन्हें व्यवहारिक रूप से पर्यावरण एवं वन संरक्षण की शिक्षा देना है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे प्रकृति को समझेंगे और उसके संरक्षण में स्वयं भागीदारी करेंगे, तभी भविष्य में एक संवेदनशील और जिम्मेदार समाज का निर्माण संभव होगा। उन्होंने बताया कि वनमंडल द्वारा प्रत्येक शनिवार इस तरह की गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रकृति संरक्षण के इस अभियान से जुड़ सकें।




