गोवर्धन यदु
तिल्दा-नेवरा। नगर में तीन दिनों से जारी झमाझम बारिश के बीच गुरुवार को तिल्दा-नेवरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई दी गई। 10 दिनों तक पूजा-अर्चना, आरती और भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने बारिश की परवाह किए बिना विसर्जन यात्रा निकाली। श्रद्धालु सिमगा के शिवनाथ नदी घाट पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

हर साल की तरह इस बार भी गणेशोत्सव समिति, लव-कुश समिति सहित अनेक समितियों ने भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की थीं। इस बार पांच सूंड वाले गणपति और तिरुपति बालाजी एवं खाटू श्याम की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। सुबह-शाम होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

हवन-पूजन के बाद निकली विदाई यात्रा
विसर्जन से पहले गणेश पंडाल में हवन-अनुष्ठान किया गया। इसके बाद भोग-भंडारे का आयोजन कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने रास्तेभर लोगों को खीर का प्रसाद भी बांटा।
देर शाम गणपति प्रतिमा को फूलों से सजे वाहन में विराजित कर विसर्जन यात्रा शुरू हुई। लगातार बारिश होती रही, लेकिन भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। युवा, बच्चे और महिलाएं डीजे की धुन पर नाचते-थिरकते हुए बप्पा को अंतिम विदाई देने निकले।
बारिश से बचाने के लिए गणपति प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से ढका गया था। जयकारों और भक्ति गीतों के बीच विसर्जन यात्रा सिमगा के शिवनाथ नदी घाट पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने गणपति महाराज की अंतिम पूजा और आरती की। इसके बाद नम आंखों से और अगले बरस जल्दी आने की कामना के साथ बप्पा की प्रतिमा का नदी में विसर्जन किया गया।
बारिश भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं की आस्था
झमाझम बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। पूरे रास्ते “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह और बप्पा के प्रति उनकी आस्था देखते ही बन रही थी।










































