Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    एससी-एसटी आरक्षण रोस्टर से वंचित किए जाने के विरोध में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने सौंपा ज्ञापन

    सांसद कमलेश जांगड़े से कसडोल क्षेत्र की जनता नाराज? दौरा नहीं होने से उठ रहे सवाल, विकास कार्यों को लेकर भी लोगों में असंतोष

    स्कूल समय से पहले बंद, बच्चों को छुट्टी देकर कहां जाते हैं हेडमास्टर

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, September 12
    Reporter 36
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • छत्तीसगढ़
      • लोकल न्यूज़
    • देश – विदेश
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • उद्योग
    • खेल
    • अन्य
    Reporter 36
    You are at:Home»अन्य»सिद्धखोल जलप्रपात बना वसूली का केंद्र? बिना लिखित आदेश पर्यटकों से शुल्क वसूलने के आरोप, वन विभाग पर उठे सवाल
    अन्य

    सिद्धखोल जलप्रपात बना वसूली का केंद्र? बिना लिखित आदेश पर्यटकों से शुल्क वसूलने के आरोप, वन विभाग पर उठे सवाल

    Hemant BaghelBy Hemant BaghelJuly 11, 2026003 Mins Read
    Share Facebook Twitter WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    हेमंत बघेल 

    कसडोल/सोनाखान। वन परिक्षेत्र सोनाखान अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध सिद्धखोल जलप्रपात इन दिनों प्राकृतिक सौंदर्य से अधिक कथित वसूली को लेकर चर्चा में है। आरोप है कि वन प्रबंधन समिति कुकरीकोना द्वारा वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में पर्यटकों से विभिन्न मदों में शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों के पास इस संबंध में कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं है।

    जानकारी के अनुसार, जलप्रपात पर आने वाले पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 10 रुपये, खाना बनाने के लिए 50 रुपये, चारपहिया वाहन से 30 रुपये तथा दोपहिया वाहन से 20 रुपये स्वच्छता एवं रखरखाव के नाम पर लिए जा रहे हैं। हालांकि, जब नाके पर रसीद काट रहे कर्मचारियों और समिति के सदस्यों से इस वसूली के संबंध में लिखित आदेश की प्रति मांगी गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं है। उनका कहना था कि “डीएफओ साहब निरीक्षण के दौरान मौखिक निर्देश देकर गए हैं।”

    यहीं से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में सामान्यतः किसी प्रकार का शुल्क वसूलने के लिए सक्षम अधिकारी का लिखित आदेश आवश्यक माना जाता है। ऐसे में केवल मौखिक निर्देश के आधार पर शुल्क वसूली कितनी वैध है, यह जांच का विषय है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2025 में भी वाहनों से सफाई के नाम पर राशि ली गई थी और इस वर्ष नए नियम जोड़कर प्रति व्यक्ति तथा खाना बनाने पर भी शुल्क लिया जा रहा है। आरोप है कि यह वसूली बिना स्पष्ट लिखित अनुमति के की जा रही है।

    वहीं, पर्यटकों का कहना है कि जिस स्वच्छता के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है, उसी सिद्धखोल परिसर में जगह-जगह प्लास्टिक कचरा और शराब की खाली बोतलें देखी जा सकती हैं। उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं है।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ युवक करीब 40 फीट ऊंचे जलप्रपात से छलांग लगाते नजर आए, जबकि मौके पर तैनात वन विभाग के कर्मचारी उन्हें रोकने के बजाय नाके पर ही बैठे रहे। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह भी बड़ा प्रश्न है।

    https://reporter36.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260711-WA0044.mp4

     

    महिला पर्यटकों ने भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि शुल्क तो लिया जा रहा है, लेकिन परिसर में महिलाओं के लिए शौचालय तक उपलब्ध नहीं है, जिससे उन्हें असुविधा और असुरक्षा महसूस होती है।

    आरोप यह भी है कि वन प्रबंधन समिति केवल बरसात के मौसम में ही शुल्क वसूली शुरू करती है, जबकि वर्षभर पर्यटक यहां आते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि उद्देश्य वास्तव में स्वच्छता और रखरखाव है तो यह व्यवस्था पूरे वर्ष क्यों नहीं दिखाई देती।

    इस पूरे मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी रामेश्वर नामदेव से शुल्क वसूली संबंधी लिखित आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनके द्वारा कोई आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

    यदि विभाग के पास इस संबंध में वैध लिखित आदेश मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पर्यटकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। वहीं यदि बिना विधिवत अनुमति के शुल्क वसूला जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। और एक बड़ी बात की जिस फोन पे माध्यम से पैसे लिए जा रहे ओ व्यक्तिगत खाता है, समिति के खाते में पैसा न लेना सन्देहप्रद है।

    Hemant Baghel
    Has Siddhkhol Waterfall become a hub for unauthorized fee collection? Allegations of collecting charges from tourists without written orders raise questions about the Forest Department.
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleयुवा कांग्रेस चुनाव: जिल महासचिव पद के लिए रविशंकर (राजू) जायसवाल को मिल रहा युवाओं का व्यापक समर्थन
    Next Article बार पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट, आर्थिक अनियमितता के आरोपों पर पंचों ने खोला मोर्चा
    Hemant Baghel

    Related Posts

    एससी-एसटी आरक्षण रोस्टर से वंचित किए जाने के विरोध में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने सौंपा ज्ञापन

    September 12, 2026

    सांसद कमलेश जांगड़े से कसडोल क्षेत्र की जनता नाराज? दौरा नहीं होने से उठ रहे सवाल, विकास कार्यों को लेकर भी लोगों में असंतोष

    September 12, 2026

    स्कूल समय से पहले बंद, बच्चों को छुट्टी देकर कहां जाते हैं हेडमास्टर

    September 9, 2026
    Top Posts

    शिवरीनारायण महानदी पुल पर एक माह रहेगा यातायात बाधित, 25 अगस्त से 25 सितंबर तक रूट डायवर्ट

    August 24, 20263,269 Views

    चितावर में युवती की धारदार हथियार से हत्या, पुलिस और FSL टीम मौके पर

    August 13, 20261,318 Views

    कसडोल में पैसों के विवाद ने लिया खूनी रूप, कैंची से हमला कर युवक की हत्या, आरोपी हिरासत में

    August 5, 20261,063 Views
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram

    Hemant Baghel
    Editor

    Mobile: 62639 86606
    Email: reporter36.com@gmail.com
    Address: Charauda, Baloda Bazar, Chhattisgarh

    Most Popular

    शिवरीनारायण महानदी पुल पर एक माह रहेगा यातायात बाधित, 25 अगस्त से 25 सितंबर तक रूट डायवर्ट

    August 24, 20263,269 Views

    चितावर में युवती की धारदार हथियार से हत्या, पुलिस और FSL टीम मौके पर

    August 13, 20261,318 Views

    कसडोल में पैसों के विवाद ने लिया खूनी रूप, कैंची से हमला कर युवक की हत्या, आरोपी हिरासत में

    August 5, 20261,063 Views
    Our Picks

    एससी-एसटी आरक्षण रोस्टर से वंचित किए जाने के विरोध में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने सौंपा ज्ञापन

    सांसद कमलेश जांगड़े से कसडोल क्षेत्र की जनता नाराज? दौरा नहीं होने से उठ रहे सवाल, विकास कार्यों को लेकर भी लोगों में असंतोष

    स्कूल समय से पहले बंद, बच्चों को छुट्टी देकर कहां जाते हैं हेडमास्टर

    © 2026 Reporter36. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.